ढाका: बांग्लादेश में 18 महीने के अंतराल और भारी उथल-पुथल के बाद एक बार फिर चुनी हुई सरकार की वापसी हुई है। मंगलवार को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के प्रमुख तारिक रहमान ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
1. 30 साल बाद बदला इतिहास
तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना कई मायनों में ऐतिहासिक है। बांग्लादेश को पिछले 35 सालों (1991 के बाद) में पहली बार कोई पुरुष प्रधानमंत्री मिला है। इससे पहले देश की कमान या तो शेख हसीना के हाथों में थी या तारिक की मां खालिदा जिया के पास। तारिक रहमान ने 17 साल के निर्वासन (Exile) के बाद यह शानदार वापसी की है।
2. परंपरा तोड़कर 'साउथ प्लाजा' में हुआ शपथ ग्रहण
आमतौर पर बांग्लादेश में शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन 'बंगभवन' में होता है, लेकिन तारिक रहमान ने इसे परंपरा से हटकर जातीय संसद के 'साउथ प्लाजा' में आयोजित किया। समारोह में करीब 1,200 मेहमानों को बुलाया गया था। भारत की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला इस कार्यक्रम के साक्षी बने, जो दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों का संकेत है।
3. भारी बहुमत के साथ 'BNP' की सत्ता में वापसी
12 फरवरी 2026 को हुए संसदीय चुनावों में BNP ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। 299 सीटों में से BNP गठबंधन ने 212 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी है। शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को इस चुनाव में शामिल होने की अनुमति नहीं थी।
4. नई सरकार की बड़ी चुनौतियां
शपथ लेने के बाद तारिक रहमान ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता कानून-व्यवस्था की बहाली और बदहाल अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना है। उनके साथ 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों ने भी शपथ ली। तारिक को अब उस युवा पीढ़ी की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा जिसने 2024 में एक नए बांग्लादेश के लिए संघर्ष किया था।