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अंतर्राष्ट्रीय

क्यूबा को तेल देने वाले देशों पर लगेगा भारी टैरिफ, नई वैश्विक आर्थिक जंग की आहट

By Uttar World Desk

30 जन, 2026 | 10:12 बजे
क्यूबा को तेल देने वाले देशों पर लगेगा भारी टैरिफ, नई वैश्विक आर्थिक जंग की आहट

पाम बीच/हवाना: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में दुनिया भर के देशों को बड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि जो भी देश क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार को तेल (Oil) की सप्लाई करेगा, उसे अमेरिका के भारी 'इंपोर्ट टैरिफ' (आयात शुल्क) का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप का यह कदम क्यूबा की चरमराती अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ने और वहां की सरकार पर दबाव बढ़ाने की एक बड़ी सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है।

आखिर ट्रंप क्यूबा पर इतने सख्त क्यों हैं? क्यूबा इस वक्त अपने इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकट (Energy Crisis) से जूझ रहा है। वहां घंटों बिजली गुल रहती है और ईंधन की भारी किल्लत है। ट्रंप का मानना है कि क्यूबा की सरकार को बाहर से मिलने वाला तेल ही उनके शासन को ऑक्सीजन दे रहा है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी मंशा साफ करते हुए कहा, "जो देश हमारे दुश्मनों की मदद करेंगे, उन्हें अमेरिका के साथ व्यापार करने के लिए बहुत भारी कीमत चुकानी होगी।"

किन देशों पर गिरेगी गाज? ट्रंप की इस धमकी का सीधा असर रूस, वेनेजुएला और मैक्सिको जैसे देशों पर पड़ सकता है, जो पारंपरिक रूप से क्यूबा को तेल भेजते रहे हैं। अगर ट्रंप अपने वादे के मुताबिक इन देशों से आने वाले सामान पर 25% या उससे ज्यादा टैरिफ लगा देते हैं, तो इससे वैश्विक व्यापार (Global Trade) में भारी उथल-पुथल मच सकती है। जानकारों का कहना है कि ट्रंप 'टैरिफ' को एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।

क्यूबा की बढ़ती मुश्किलें: क्यूबा के आम नागरिक पहले से ही खाने-पीने की चीजों और दवाओं की कमी से परेशान हैं। अगर तेल की सप्लाई रुकती है, तो वहां का ट्रांसपोर्ट और बिजली ढांचा पूरी तरह ठप हो जाएगा। मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है कि इस 'आर्थिक घेराबंदी' से आम जनता की तकलीफें कई गुना बढ़ जाएंगी। दूसरी तरफ, वॉशिंगटन का मानना है कि ट्रंप इस 'टैरिफ कार्ड' के जरिए अपने विरोधियों को कमजोर कर रहे हैं।

आर्थिक युद्ध का नया मोर्चा: आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' पॉलिसी अब 'टैरिफ वॉर' में तब्दील हो रही है। इससे न केवल क्यूबा बल्कि उन देशों की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होगी जो अमेरिका को बड़े पैमाने पर सामान एक्सपोर्ट करते हैं। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि रूस और मैक्सिको जैसे देश ट्रंप की इस धमकी के आगे झुकते हैं या अपना स्टैंड बरकरार रखते हैं।

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