मंगलवार, 17 मार्च 2026
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ब्रिटिश सरकार को बड़ा झटका, 'Palestine Action' ग्रुप पर लगाया गया 'आतंकवादी' बैन गैरकानूनी घोषित

By Uttar World Desk

13 फ़र, 2026 | 08:21 बजे
ब्रिटिश सरकार को बड़ा झटका, 'Palestine Action' ग्रुप पर लगाया गया 'आतंकवादी' बैन गैरकानूनी घोषित

लंदन: यूनाइटेड किंगडम के हाई कोर्ट ने शुक्रवार (13 फरवरी 2026) को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए ब्रिटिश सरकार के उस निर्णय को 'गैरकानूनी' (Unlawful) करार दिया है, जिसमें प्रो-फिलिस्तीनी कैंपेन ग्रुप 'Palestine Action' को एक आतंकवादी संगठन घोषित कर प्रतिबंधित कर दिया गया था। कोर्ट के इस फैसले को अभिव्यक्ति की आजादी और फिलिस्तीनी अधिकारों के संघर्ष के लिए एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।

कोर्ट ने क्या कहा?

हाई कोर्ट की न्यायाधीश विक्टोरिया शार्प ने फैसला सुनाते हुए कहा कि सरकार द्वारा इस ग्रुप पर लगाया गया पूर्ण प्रतिबंध 'असंगत' (Disproportionate) था। अदालत ने माना कि हालांकि 'Palestine Action' की गतिविधियाँ आपराधिक हो सकती हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें अल-कायदा या ISIS जैसे 'आतंकवादी' समूहों की श्रेणी में रखा जाए। कोर्ट के अनुसार, सरकार के इस कदम ने अभिव्यक्ति और सभा (Assembly) की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया है।

'Palestine Action' की प्रतिक्रिया

ग्रुप की सह-संस्थापक हुदा अम्मोरी, जिन्होंने सरकार के इस प्रतिबंध को चुनौती दी थी, ने इसे "ऐतिहासिक जीत" बताया। उन्होंने कहा:

"यह ब्रिटेन में हमारी मौलिक स्वतंत्रता और फिलिस्तीनी लोगों की आजादी के संघर्ष के लिए एक महत्वपूर्ण जीत है। सरकार का फैसला अभिव्यक्ति की आजादी पर हाल के इतिहास का सबसे चरम हमला था।"

ब्रिटिश सरकार का रुख

अदालती झटके के बावजूद, ब्रिटिश सरकार ने हार नहीं मानी है। गृह मंत्री (Home Secretary) शबाना महमूद ने कहा कि वह इस फैसले से निराश हैं और इसके खिलाफ 'कोर्ट ऑफ अपील' में जाएंगी। सरकार का तर्क है कि यह समूह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा है और इसे प्रतिबंधित करना जरूरी है। फिलहाल, अपील की सुनवाई होने तक यह प्रतिबंध तकनीकी रूप से लागू रहेगा।

विवाद की जड़ क्या है?

ब्रिटिश सरकार ने पिछले साल जून में 'Palestine Action' को आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत प्रतिबंधित किया था। यह ग्रुप मुख्य रूप से इजराइल की सबसे बड़ी हथियार निर्माता कंपनी 'एल्बिट सिस्टम्स' (Elbit Systems) की यूके स्थित शाखाओं को निशाना बनाता रहा है। ग्रुप का आरोप है कि ये हथियार गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ इस्तेमाल किए जाते हैं।

हजारों गिरफ्तारियां और विरोध

इस प्रतिबंध के बाद से ब्रिटेन भर में लगभग 2,787 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से कई लोग केवल "मैं नरसंहार का विरोध करता हूं, मैं फिलिस्तीन एक्शन का समर्थन करता हूं" जैसे पोस्टर पकड़कर मौन विरोध कर रहे थे। मानवाधिकार संगठनों ने सरकार के इस कदम की 'तानाशाही' कहकर आलोचना की थी।

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