जेनेवा/बेरूत: संयुक्त राष्ट्र (UN) के मानवाधिकार कार्यालय ने लेबनान में इजरायल द्वारा किए जा रहे सैन्य हमलों को लेकर एक बेहद गंभीर बयान जारी किया है। UN का कहना है कि लेबनान के रिहायशी इलाकों और नागरिक ठिकानों पर जिस तरह से हमले किए जा रहे हैं, वे 'युद्ध अपराध' (War Crimes) की श्रेणी में आ सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इन हमलों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में इजरायली हमलों में लेबनान के सैकड़ों आम नागरिकों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। UN मानवाधिकार कार्यालय ने चिंता जताई है कि हमले के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का उल्लंघन किया जा रहा है। विशेष रूप से घनी आबादी वाले क्षेत्रों में किए गए हवाई हमले सीधे तौर पर नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं।
इजरायल का दावा है कि वह केवल हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रहा है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल के सैन्य अभियानों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुनिया भर के कई देशों ने इस रिपोर्ट के बाद इजरायल से तत्काल युद्धविराम (Ceasefire) की मांग की है।
उत्तर वर्ल्ड (Uttar World) की इस रिपोर्ट के माध्यम से हम बता दें कि अगर यह साबित हो जाता है कि ये हमले जानबूझकर नागरिकों के खिलाफ थे, तो अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में इजरायल के खिलाफ कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। दुनिया भर की ताज़ा खबरों के लिए बने रहें उत्तर वर्ल्ड के साथ।