न्यूयॉर्क/गाजा। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इज़राइल और फिलिस्तीन के बीच जारी संघर्ष को लेकर अब तक की सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों और मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा है कि गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक (West Bank) में इज़राइल की सैन्य कार्रवाइयां और नीतियां 'जातीय सफाए' (Ethnic Cleansing) के डर को बढ़ावा दे रही हैं। यूएन का कहना है कि जिस तरह से फिलिस्तीनियों को उनके घरों से विस्थापित किया जा रहा है, वह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का खुला उल्लंघन है।
गाजा में विस्थापन का भयावह मंजर
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में बताया गया है कि उत्तरी गाजा में इज़राइली सेना द्वारा लगातार जारी बमबारी और घेराबंदी के कारण लाखों लोग बेघर हो गए हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश तो दिया जाता है, लेकिन वहां भी उन पर हमले हो रहे हैं। यूएन के विशेषज्ञों का तर्क है कि फिलिस्तीनी आबादी को योजनाबद्ध तरीके से उनके मूल स्थानों से हटाना और वहां बुनियादी सुविधाओं (भोजन, पानी, चिकित्सा) को नष्ट करना इस बात की ओर इशारा करता है कि उन्हें स्थायी रूप से विस्थापित करने की कोशिश की जा रही है।
वेस्ट बैंक में बढ़ता तनाव और अवैध बस्तियां
चिंता की बात यह है कि यह संकट केवल गाजा तक सीमित नहीं है। संयुक्त राष्ट्र ने वेस्ट बैंक में इज़राइली बसने वालों (Settlers) की बढ़ती हिंसा और सेना की छापेमारी पर भी कड़ा रुख अपनाया है। यूएन अधिकारियों के अनुसार, वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों की जमीनों को जब्त करना और नई इज़राइली बस्तियों का निर्माण करना 'जातीय सफाए' की प्रक्रिया को और तेज कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चेतावनी दी गई है कि यदि इस पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है।
इज़राइल का रुख और वैश्विक प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, इज़राइल इन आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है। इज़राइल का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई केवल 'हमास' जैसे आतंकवादी संगठनों के खिलाफ है और वह नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि मरने वालों की संख्या और तबाही का पैमाना इन दावों के विपरीत है। दुनिया भर के कई देशों ने अब इज़राइल पर युद्धविराम (Ceasefire) के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है ताकि इस मानवीय त्रासदी को रोका जा सके।