तेहरान-वॉशिंगटन-रियाद : मध्य पूर्व (Middle East) में हालात अब बेकाबू हो चुके हैं। Al Jazeera की ताजा लाइव रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध की आग अब सऊदी अरब तक पहुँच गई है। ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के हमलों के जवाब में अब अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है, वहीं ईरान ने दुनिया की दुखती रग यानी 'तेल सप्लाई' पर सीधा प्रहार किया है।
सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया है। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले से दूतावास परिसर में आग लग गई और संपत्ति को नुकसान पहुँचा है। हालांकि, किसी बड़े जानी नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन यह सऊदी अरब की सुरक्षा में बड़ी सेंध है।
ईरान की 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' (IRGC) ने ऐलान किया है कि दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' अब पूरी तरह बंद है। ईरान ने चेतावनी दी है कि इस रास्ते से गुजरने वाले किसी भी जहाज पर हमला किया जाएगा। दुनिया का 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से वैश्विक स्तर पर पेट्रोल और डीजल की किल्लत पैदा हो जाएगी।
ईरान ने खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं। कतर की सरकारी पेट्रोलियम कंपनी ने अपने दो ठिकानों पर हमले के बाद LNG (गैस) का उत्पादन पूरी तरह सस्पेंड कर दिया है। इससे दुनिया भर में गैस की कीमतें आसमान छूने लगी हैं।
इज़राइल और अमेरिका ने तेहरान के रिहायशी और सरकारी इलाकों पर 'डबल-टैप' हमला (एक ही जगह पर दो बार हमला) किया है। ईरान में अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 787 हो गई है। इज़राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में घुसपैठ तेज कर दी है और जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिया है।
ईरान ने भी इज़राइल के शहरों पर मिसाइलों की बौछार कर दी है। वेस्ट जेरूसलम, तेल अवीव और ईलात में मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया है। शनिवार से अब तक इज़राइल में भी 10 लोगों की मौत हो चुकी है।
भैया, भारत के लिए यह खबर सबसे ज्यादा चिंताजनक है। अगर होर्मुज की खाड़ी बंद रहती है, तो भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम रातों-रात बढ़ सकते हैं। साथ ही, सऊदी अरब जैसे सुरक्षित देश में अमेरिकी दूतावास पर हमला होना यह बताता है कि अब कोई भी सुरक्षित नहीं है।