वाशिंगटन, 5 अप्रैल | उत्तरवर्ल्ड न्यूज़ डेस्क | मध्य पूर्व में जारी भीषण तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है जहाँ अमेरिकी सेना ने एक बेहद खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर अपने उस पायलट को बचा लिया है जिसका F-15E लड़ाकू विमान ईरान द्वारा मार गिराया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, यह विमान ईरान के हवाई क्षेत्र के पास एक मिशन पर था जब इसे ईरानी मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने निशाना बनाया, जिसके बाद पायलट को पैराशूट से कूदना पड़ा था। पिछले कुछ घंटों से इस पायलट के लापता होने की खबरों ने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी थीं क्योंकि अगर यह पायलट ईरान के हाथ लग जाता तो यह अमेरिका के लिए एक बड़ी कूटनीतिक हार होती। अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस और अत्याधुनिक सर्विलांस की मदद से इस रेस्क्यू मिशन को अंजाम दिया गया और अब पायलट को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।
इस घटना ने अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही सुलग रही आग में घी डालने का काम किया है। जहाँ एक तरफ अमेरिका इस हमले को अपनी संप्रभुता और सैन्य शक्ति पर सीधा हमला मान रहा है, वहीं ईरान का दावा है कि विमान ने उसकी सीमाओं का उल्लंघन किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पायलट के बचाए जाने के बाद अब अमेरिका ईरान के खिलाफ और भी कड़े जवाबी हमले (Retaliation) कर सकता है, जिससे पूरी दुनिया में तेल की कीमतों और वैश्विक सुरक्षा पर गहरा असर पड़ सकता है। यह रेस्क्यू ऑपरेशन न केवल अमेरिकी तकनीक की जीत है बल्कि यह इस बात का भी संकेत है कि आने वाले दिनों में खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति और भी गंभीर होने वाली है।