मस्कट (ओमान): दुनिया भर की नजरें आज ओमान में चल रही अमेरिका और ईरान की गुप्त बातचीत पर टिकी रहीं। हफ्तों से चल रहे तनाव और युद्ध की आशंकाओं के बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस मुलाकात को एक ‘अच्छी शुरुआत’ बताया है। ओमान की मध्यस्थता में हुई इस बैठक में मुख्य मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम और उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना था। हालांकि दोनों देशों के बीच सीधा संवाद नहीं हुआ (Indirect Talks), लेकिन ओमान के अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान किया।
दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ ओमान में बातचीत चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर नए कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। ट्रंप प्रशासन ने ईरान के तेल व्यापार से जुड़ी कंपनियों और जहाजों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। जानकारों का कहना है कि ट्रंप एक 'तेज समझौता' चाहते हैं, लेकिन साथ ही वे अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
बातचीत के दौरान ही अमेरिका का विशाल विमान वाहक पोत 'USS अब्राहम लिंकन' अरब सागर में गश्त करता दिखा, जिसे ईरान के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि बातचीत केवल तभी आगे बढ़ेगी जब धमकियों और दबाव का सिलसिला बंद होगा। संयुक्त राष्ट्र (UN) प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस, कतर और सऊदी अरब ने इस बातचीत का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे मध्य पूर्व (Middle East) में शांति बहाल होगी।
ईरान में रह रहे लोग इस खबर से बड़ी उम्मीद लगाए बैठे हैं। लगातार बढ़ती महंगाई और युद्ध के डर के बीच, अगर यह बातचीत किसी समझौते तक पहुंचती है, तो तेल की कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिल सकती है।