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अमेरिका ने इजरायल और सऊदी अरब के साथ $15.67 बिलियन के हथियार सौदे को दी मंजूरी

By Uttar World Desk

31 जन, 2026 | 02:34 बजे
अमेरिका ने इजरायल और सऊदी अरब के साथ $15.67 बिलियन के हथियार सौदे को दी मंजूरी

वॉशिंगटन | मिडल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने अपने दो सबसे भरोसेमंद सहयोगियों, इजरायल और सऊदी अरब के लिए भारी-भरकम रक्षा सौदों का रास्ता साफ कर दिया है। शुक्रवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय (State Department) ने कुल 15.67 बिलियन डॉलर (लगभग ₹1.30 लाख करोड़ से अधिक) के हथियारों की बिक्री को हरी झंडी दे दी। इस फैसले को इस क्षेत्र में सुरक्षा समीकरणों को मजबूत करने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।

इजरायल के बेड़े में शामिल होंगे आधुनिक अपाचे और बख्तरबंद गाड़ियां

इस सौदे के तहत इजरायल को करीब $6.67 बिलियन के सैन्य उपकरण मिलेंगे। इसमें सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 30 नए AH-64E अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर हैं, जो अत्याधुनिक रॉकेट लॉन्चर्स और टारगेटिंग सिस्टम से लैस होंगे। अकेले इस हेलीकॉप्टर डील की कीमत $3.8 बिलियन बताई जा रही है।

इसके अलावा इजरायल को ये उपकरण भी मिलेंगे:

3,250 जॉइंट लाइट टैक्टिकल व्हीकल (JLTV): सेना की आवाजाही और रसद पहुंचाने के लिए। बख्तरबंद वाहन (APC) पावर पैक्स: सेना की जमीनी ताकत बढ़ाने के लिए। लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर: अन्य सैन्य अभियानों में मदद के लिए।

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन हथियारों से इजरायल की अपनी सीमाओं की रक्षा करने की क्षमता बढ़ेगी, लेकिन इससे क्षेत्र के मौजूदा सैन्य संतुलन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

सऊदी अरब को मिलेगी $9 बिलियन की 'मिसाइल शील्ड'

सऊदी अरब के लिए मंजूर किया गया पैकेज और भी बड़ा है। रियाद $9 बिलियन की लागत से अमेरिका से पैट्रियट (Patriot PAC-3 MSE) मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदेगा।

सऊदी अरब के इस सुरक्षा घेरे में शामिल होंगे:

  • 730 पैट्रियट मिसाइलें: जो दुश्मन की बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों को हवा में ही तबाह करने में सक्षम हैं।

  • 217 मिसाइल लॉन्चर्स: हमले के लिए तैयार तैनातियां।

  • फायर कंट्रोल और संचार स्टेशन: मिसाइल सिस्टम को सटीक दिशा देने के लिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के साथ बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय अस्थिरता को देखते हुए सऊदी अरब अपनी हवाई सुरक्षा (Air Defense) को अभेद्य बनाना चाहता है।

क्यों अहम है यह समय?

यह मंजूरी ऐसे समय में आई है जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन गाजा में युद्धविराम (Ceasefire) की कोशिशों में जुटा है, वहीं दूसरी ओर ईरान के साथ सीधे टकराव की आशंकाएं भी बनी हुई हैं। हालांकि यह अभी केवल एक 'अधिसूचना' (Notification) है और अंतिम प्रक्रिया में अभी कुछ समय लग सकता है, लेकिन यह स्पष्ट है कि वाशिंगटन अपने सहयोगियों को अकेला नहीं छोड़ने वाला।

विपक्ष और कुछ विश्लेषकों ने इस पर चिंता भी जताई है कि इतनी बड़ी मात्रा में हथियारों की सप्लाई से इस क्षेत्र में एक नई 'हथियार दौड़' (Arms Race) शुरू हो सकती है।

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