कानपुर देहात: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने कानपुर देहात पहुंचे। यहाँ उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में सत्ताधारी दल भाजपा पर तीखे हमले किए। अखिलेश यादव ने न केवल महंगाई और किसानों के मुद्दे उठाए, बल्कि 'पोस्टर पॉलिटिक्स' और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।
भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा, "कुछ दिन पहले कोडिन भाई आए थे, कालीन भाई के बाद अब 'किडनी भाई' की चर्चा है। मुझे तो लगता है इन सब किरदारों पर जल्द ही कोई ओटीटी (OTT) सीरीज भी बन सकती है।" उन्होंने मज़ाकिया लहजे में आगे कहा कि जिस तरह प्रदेश में आए दिन गांजा पकड़ा जा रहा है, कहीं ऐसा न हो कि जल्द ही 'गांजा भाई' भी चर्चा में आ जाएं।
अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछले 9 सालों में जनता को महंगाई से कोई राहत नहीं मिली है। उन्होंने मांग की कि बेमौसम बारिश से जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, सरकार उन्हें 100% मुआवजा दे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में इलाज की व्यवस्था ध्वस्त है और विकास के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है और भाजपा के इशारों पर काम कर रहा है। अधिकारी वोट बनवाने की जगह वोट कटवाने का काम कर रहे हैं। कानपुर नगर निकाय चुनाव में प्रशासन का रवैया पक्षपातपूर्ण रहा।
राजधानी लखनऊ में लगे 'धुआंधार' पोस्टरों का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि पहले लोग इस शब्द को नहीं जानते थे, लेकिन पोस्टर लगने के बाद अब पूरा प्रदेश जान गया है। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी 'धुआंधार' जीत दर्ज करेगी और भाजपा को सत्ता से बाहर होना पड़ेगा।