कौशाम्बी: उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे सुनकर आपका दिल दहल जाएगा। एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल ले जा रही एम्बुलेंस सड़क पर लगे DJ और डांस के कारण लगे भीषण जाम में फंस गई। घंटों मशक्कत के बाद भी जब एम्बुलेंस आगे नहीं बढ़ पाई, तो महिला को सड़क पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।
यह घटना कौशाम्बी के एक प्रमुख कस्बे की है, जहां एक परिवार एम्बुलेंस में महिला को प्रसव के लिए अस्पताल ले जा रहा था। रास्ते में एक शादी समारोह का जुलूस निकल रहा था। सड़क के बीचों-बीच डीजे बज रहा था और लोग नाचने में इतने मग्न थे कि उन्हें एम्बुलेंस के सायरन की आवाज भी सुनाई नहीं दी।
एम्बुलेंस ड्राइवर ने कई बार सायरन बजाया, लेकिन भीड़ और तेज संगीत के शोर में रास्ता नहीं मिल सका। जब महिला की हालत गंभीर होने लगी और दर्द असहनीय हो गया, तो एम्बुलेंस में मौजूद नर्सों और महिला के परिजनों ने मिलकर सड़क पर ही कपड़े की ओट में डिलीवरी कराई। गनीमत रही कि जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना ने सिस्टम और संवेदनशीलता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किसी की जान बचाने के लिए एम्बुलेंस का रास्ता पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन कौशाम्बी की इस घटना में डीजे का शोर मानवीय संवेदनाओं पर भारी पड़ा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ऐसे समारोहों में पुलिस की अनुमति के बावजूद कोई नियंत्रण नहीं रखा जाता, जिससे अक्सर ऐसे हादसे होते हैं। पीड़ित परिवार ने अब उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है जिन्होंने सड़क पर जाम लगाकर एम्बुलेंस को रोक रखा था।
कानून के जानकारों का कहना है कि किसी भी एम्बुलेंस को रोकना या उसके रास्ते में बाधा डालना एक दंडनीय अपराध है। लेकिन जब तक समाज में जागरूकता नहीं आएगी, ऐसे मामले होते रहेंगे। एम्बुलेंस का सायरन किसी की जिंदगी की धड़कन होता है, जिसे डीजे के शोर में दबा देना किसी अपराध से कम नहीं है।