कौशाम्बी: उत्तर प्रदेश में आज से शुरू हुई यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के पहले ही दिन प्रशासन की सख्ती का बड़ा असर देखने को मिला है। कौशाम्बी जिले में नकल विहीन परीक्षा कराने के दावों के बीच एक बड़ी लापरवाही और फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। मंझनपुर स्थित छत्रपाल सिंह इंटर कॉलेज में एक युवक को दूसरे छात्र की जगह बैठकर परीक्षा देते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। इस घटना ने परीक्षा केंद्रों पर तैनात अधिकारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि विभाग ने तुरंत एक्शन लेते हुए आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया है।
पूरा मामला तब सामने आया जब प्रथम पाली की परीक्षा चल रही थी। छत्रपाल सिंह इंटर कॉलेज में जब केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक (इन्विजिलेटर्स) छात्रों के प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) और उनके आधार कार्ड का मिलान कर रहे थे, तब उन्हें एक छात्र की गतिविधियों पर शक हुआ। जब गहराई से जांच की गई तो पता चला कि असली छात्र अली अब्बास परीक्षा देने नहीं आया था, बल्कि उसकी जगह अमित कुमार नाम का एक युवक फर्जी दस्तावेज लेकर परीक्षा कक्ष में बैठा था। अमित ने बड़ी होशियारी से एडमिट कार्ड पर अपनी जगह बनाने की कोशिश की थी, लेकिन दस्तावेजों और चेहरे का मिलान न होने पर उसका भंडाफोड़ हो गया।
इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिलते ही परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। केंद्र व्यवस्थापक ने तुरंत इसकी सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) और स्थानीय पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अमित कुमार को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अमित कुमार और अली अब्बास के बीच क्या संबंध है और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नकल माफिया काम कर रहा है। शुरुआती जानकारी में यह बात सामने आ रही है कि अमित ने अली अब्बास को पास कराने के लिए या किसी आर्थिक लालच में यह कदम उठाया है, लेकिन असली वजह पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।
प्रशासन ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया है। कौशाम्बी के जिला अधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों पर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अली अब्बास, जो कि असली छात्र है, उसके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है और उसकी परीक्षा निरस्त करने की सिफारिश की जा सकती है। साथ ही, पुलिस ने अमित कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस घटना के बाद जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर फ्लाइंग स्क्वाड को और ज्यादा सक्रिय कर दिया गया है और हर छात्र की दो-स्तरीय जांच की जा रही है।
यूपी बोर्ड ने इस बार नकल रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरों और वॉयस रिकॉर्डर्स का जाल बिछाया है, लेकिन इस तरह से दूसरे की जगह बैठकर परीक्षा देना एक नई चुनौती पेश कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ 'रासुका' (NSA) जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है ताकि कोई दूसरा ऐसा करने की हिम्मत ना करे। फिलहाल, छत्रपाल सिंह इंटर कॉलेज में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बाकी परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से चल रही हैं। पुलिस अमित कुमार से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे खेल की तह तक पहुँचा जा सके।