लखीमपुर खीरी : उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के पर्यटन मानचित्र को नया विस्तार देने में जुटी है। इसी कड़ी में लखीमपुर खीरी जिले के शारदा बैराज को एक प्रमुख 'एकोमोडेशन एंड वेलनेस टूरिज्म डेस्टिनेशन' के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की गई है। उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (UPETDB) यहाँ 2.67 एकड़ के विशाल क्षेत्र में एक आधुनिक 'टेंट सिटी' (Tent City) विकसित करने जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दुधवा नेशनल पार्क और कतर्नियाघाट आने वाले पर्यटकों को प्रकृति की गोद में ठहरने का एक अनूठा और लग्जरी अनुभव प्रदान करना है।
शारदा बैराज पर टेंट सिटी: क्या है पूरी योजना?
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने जानकारी दी कि लखीमपुर खीरी स्थित शारदा बैराज अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। तहसील सदर के ग्राम कोठिया के पास करीब 2.67 एकड़ भूमि पर इस टेंट सिटी का निर्माण निजी सहभागिता (PPP मॉडल) से किया जाएगा।
इस टेंट सिटी में न केवल रहने के लिए आधुनिक टेंट होंगे, बल्कि इसे एक 'वेलनेस सेंटर' के रूप में भी विकसित किया जाएगा। यहाँ योग, ध्यान (Meditation), आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। सरकार का मानना है कि बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच लोग अब शांति और सुकून वाली जगहों की तलाश कर रहे हैं, और शारदा बैराज इसके लिए सबसे उपयुक्त स्थान है।
दुधवा और कतर्नियाघाट के बीच बनेगा कड़ी
शारदा बैराज की भौगोलिक स्थिति इसे बेहद खास बनाती है। यह क्षेत्र विश्व प्रसिद्ध दुधवा नेशनल पार्क और कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य के मध्य स्थित है। टेंट सिटी बनने से यहाँ आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को एक ऐसा 'बेस कैंप' मिलेगा जहाँ से वे दोनों अभ्यारण्यों की सैर कर सकेंगे। इससे तराई क्षेत्र के पर्यटन को एक नई ऊंचाई मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लखीमपुर खीरी की पहचान और मजबूत होगी।
स्थानीय रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा
योगी सरकार की इस योजना से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे। टेंट सिटी के संचालन, सुरक्षा, गाइड और वेलनेस सेंटर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को काम मिलेगा। इसके अलावा, यहाँ आने वाले पर्यटकों की वजह से स्थानीय हस्तशिल्प, खान-पान और छोटे व्यापारियों को भी बड़ा बाज़ार उपलब्ध होगा। मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इसके लिए निविदाएं (Tenders) आमंत्रित कर दी गई हैं और निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तय की गई है।
ईको-फ्रेंडली और सस्टेनेबल टूरिज्म पर जोर
इस परियोजना में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा गया है। टेंट सिटी के निर्माण में ऐसे 'प्री-फैब्रिकेटेड' और टिकाऊ सिस्टम का उपयोग किया जाएगा जिससे प्रकृति को कम से कम नुकसान हो। कचरा प्रबंधन और सौर ऊर्जा के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। पर्यटन विभाग का लक्ष्य इसे एक ऐसा मॉडल बनाना है जो न केवल पर्यटकों को आकर्षित करे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दे।
निष्कर्ष: तराई क्षेत्र के लिए सुनहरे भविष्य की शुरुआत
लखीमपुर खीरी का शारदा बैराज जल्द ही उत्तर प्रदेश के पर्यटन का एक नया चेहरा बनकर उभरेगा। टेंट सिटी बनने के बाद यहाँ साल भर पर्यटकों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे पूरे जिले की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। प्रकृति प्रेमियों और वेलनेस की तलाश करने वाले लोगों के लिए यह जगह किसी वरदान से कम नहीं होगी।