लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा आज विधानसभा में पेश किए गए ऐतिहासिक 9 लाख करोड़ के बजट पर नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने जोरदार हमला बोला है। अखिलेश यादव ने इस बजट को 'विदाई का दस्तावेज' (Farewell Document) करार देते हुए कहा कि बीजेपी सरकार केवल बड़े आंकड़े दिखाकर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि पिछले बजट का पैसा भी सही तरीके से खर्च नहीं हो पाया।
अखिलेश यादव ने सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह बजट केवल विज्ञापनों और हेडलाइंस के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले वर्षों में जो आवंटन किया था, उसे विभाग खर्च ही नहीं कर पाए। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, "जब सरकार आवंटित बजट का आधा हिस्सा भी खर्च नहीं कर पाती, तो इतने बड़े नए बजट का क्या मतलब? यह सिर्फ जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है।"
सपा मुखिया ने बजट में किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए ठोस प्रावधान न होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में महंगाई और बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ बड़े-बड़े आयोजनों और इवेंट्स पर है। अखिलेश ने दावा किया कि प्रदेश की जनता बीजेपी की कार्यशैली को समझ चुकी है और यह बजट इस सरकार का आखिरी बजट साबित होगा। अखिलेश ने कहा कि लैपटॉप और स्कूटी जैसे पुराने वादे अब भी अधूरे हैं। सड़कों और बुनियादी ढांचे के लिए आवंटित राशि का सही उपयोग न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि बजट में आम आदमी को महंगाई से राहत देने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
समाजवादी पार्टी के साथ-साथ अन्य विपक्षी नेताओं ने भी बजट की आलोचना की है। सपा कार्यकर्ताओं ने विधानसभा परिसर में काले कपड़े और बैनर लेकर प्रदर्शन किया। उनका तर्क है कि जब तक प्रदेश में कानून-व्यवस्था और रोजगार की स्थिति नहीं सुधरती, तब तक बजट के आंकड़ों का कोई मोल नहीं है।