लखनऊ। राजधानी लखनऊ में शादियों का सीजन अपने चरम पर है, लेकिन इसके साथ ही विवाह समारोहों में चोरी की वारदातों ने हड़कंप मचा दिया है। लखनऊ पुलिस की हालिया जांच में एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है जो बच्चों को 'ट्रेनिंग' देकर शादियों में गहने और कैश चोरी करने के लिए भेजता है। यह गैंग मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से संचालित होता है और इनका तरीका इतना सटीक है कि कोई शक भी नहीं कर पाता।
इंग्लिश बोलने वाले 'लिटिल गेस्ट': गैंग का हैरान करने वाला तरीका
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह 13 से 15 साल के बच्चों को चोरी की ट्रेनिंग देता है। इन बच्चों को शादियों में भेजने से पहले बाकायदा तैयार किया जाता है बच्चों को महंगे सूट-बूट और टाई पहनाई जाती है ताकि वे किसी अमीर परिवार के मेहमान लगें। इन्हें अंग्रेजी के कुछ शब्द, लोकप्रिय गाने और डांस स्टेप्स सिखाए जाते हैं ताकि वे महफिल में मेहमानों के साथ घुल-मिल जाएं और किसी को उन पर शक न हो। ये बच्चे स्टेज या मंडप के आसपास खेलते रहते हैं और जैसे ही कोई बैग (कैश या गहनों वाला) लावारिस दिखता है, ये बिजली की तेजी से उसे उड़ा देते हैं।
मल्टी-स्टेज ऑपरेशन: पलक झपकते ही शहर से बाहर माल
चोरी की यह प्रक्रिया बेहद संगठित है। जैसे ही बच्चा बैग उठाता है, वह उसे थोड़ी दूरी पर खड़े दूसरे बच्चे को दे देता है। वह बच्चा तुरंत बैग को बाहर खड़े गैंग के वयस्क सदस्य को सौंपता है। इसके बाद वह सदस्य बिना बैग खोले सीधे रेलवे स्टेशन पहुंचता है और दूसरे राज्य की ट्रेन पकड़ लेता है। इस वजह से चोरी किए गए माल की रिकवरी करना पुलिस के लिए लगभग नामुमकिन हो जाता है।
एमपी का 'खतरनाक गांव' जहाँ पुलिस भी जाने से डरती है
लखनऊ पुलिस के पुराने अनुभवों के मुताबिक, इस गैंग का नेटवर्क मध्य प्रदेश के एक ऐसे गांव से जुड़ा है जहाँ पूरा गांव ही इस धंधे में शामिल है। कुछ साल पहले जब लखनऊ पुलिस की एक टीम वहाँ पहुंची थी, तो स्थानीय पुलिस ने भी मदद करने में हिचक दिखाई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये लोग पकड़े जाने पर सौदा करते हैं—या तो वे अपने आदमी को छुड़ाने के बदले माल वापस करते हैं, या आदमी के बदले माल रख लेते हैं। वे कभी भी दोनों (आरोपी और माल) को एक साथ पुलिस के हवाले नहीं करते।
लखनऊ पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि शादी समारोहों के दौरान विशेष सतर्कता बरतें। गहनों और कैश के बैग को किसी भी स्थिति में अकेला न छोड़ें। अपरिचित बच्चों या मेहमानों की गतिविधियों पर नजर रखें।सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाएं और सुरक्षा गार्डों को अलर्ट रखें।