उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दशकों से विस्थापन का दंश झेल रहे 99 बंगाली हिंदू परिवारों के लिए खुशहाली का रास्ता साफ कर दिया है। ये परिवार 1970 के दशक में तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से विस्थापित होकर भारत आए थे और लंबे समय से मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र में रह रहे थे। अब सरकार ने इन परिवारों को कानपुर देहात के रसूलाबाद तहसील में स्थायी रूप से बसाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
प्रत्येक परिवार को रहने के लिए 200 वर्ग मीटर का आवासीय प्लॉट और आजीविका चलाने के लिए 2 एकड़ कृषि योग्य भूमि आवंटित की जाएगी। घर बनाने के लिए प्रत्येक परिवार को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। जिस स्थान पर इन परिवारों को बसाया जाएगा, वहां सड़क, बिजली, पानी और स्कूल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं सरकार द्वारा विकसित की जाएंगी।
यह निर्णय न केवल इन परिवारों को एक स्थायी छत प्रदान करेगा, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी देगा। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पुनर्वास की प्रक्रिया को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि ये परिवार जल्द से जल्द अपने नए घरों में प्रवेश कर सकें।