लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की राजनीति इस समय अपने चरम पर है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'मिशन बूथ' के जवाब में अपना 'PDA प्रहरी' दांव चल दिया है। न्यूज़ 24 की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अखिलेश यादव अब सिर्फ चुनावी रैलियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्होंने बीजेपी के सबसे मजबूत किले यानी 'बूथ मैनेजमेंट' में सेंध लगाने की तैयारी कर ली है।
1. क्या है अखिलेश का 'PDA प्रहरी' दांव?
अखिलेश यादव ने घोषणा की है कि यूपी के हर बूथ पर 'PDA प्रहरी' तैनात किए जाएंगे। ये प्रहरी न केवल वोट कटने से रोकेंगे, बल्कि बीजेपी के 'पन्ना प्रमुख' और 'बूथ अध्यक्ष' की रणनीति का मुकाबला जमीन पर उतरकर करेंगे। अखिलेश का मानना है कि अगर बूथ सुरक्षित है, तो 2027 की जीत सुनिश्चित है।
2. योगी सरकार के 'भ्रष्टाचार और कुशासन' पर सीधा हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार पाइपलाइन की तरह हर घर तक पहुँच गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "बीजेपी ने अच्छे दिन तो नहीं लाए, लेकिन अब उनके बुरे दिन आने वाले हैं।" उन्होंने जल निगम की पाइपलाइन से लेकर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स तक में धांधली के आरोप लगाए हैं।
3. निषाद कार्ड और पूर्वांचल की घेराबंदी
इस वीडियो में एक और बड़ा खुलासा हुआ है कि अखिलेश यादव ने निषाद समुदाय के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए बड़ा पत्ता फेंका है। सुल्तानपुर और आसपास के जिलों में निषाद उम्मीदवारों को तरजीह देकर उन्होंने योगी के मंत्री संजय निषाद और बीजेपी के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगा दी है।
4. 'ऑफर' की राजनीति: दो डिप्टी सीएम पर निशाना
अखिलेश यादव ने एक बार फिर बीजेपी के भीतर चल रही गुटबाजी पर चुटकी ली है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से ऑफर दिया कि "100 विधायक लाओ और मुख्यमंत्री बन जाओ।" यह बयान सीधे तौर पर यूपी के दोनों उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच कथित अनबन की ओर इशारा करता है, जिससे बीजेपी खेमे में हलचल तेज हो गई है।
5. 2026-27 का रोडमैप
अखिलेश यादव का यह दांव सिर्फ बयानबाजी नहीं है, बल्कि 2026 में होने वाले पंचायत चुनावों और 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी है। उन्होंने साफ कर दिया है कि समाजवादी पार्टी अब 'सॉफ्ट हिंदुत्व' के बजाय अपने कोर PDA एजेंडे पर ही चुनाव लड़ेगी।