लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ के लोकभवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में 'मिशन रोजगार' के तहत 1228 नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने नर्सिंग को केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना का पवित्र पेशा बताया।
महिलाओं का दबदबा और नवरात्रि का उपहार इस भर्ती की सबसे खास बात यह रही कि चयनित 1228 अभ्यर्थियों में से 1097 महिलाएं हैं। मुख्यमंत्री ने इसे 'चैत्र नवरात्रि' के पावन अवसर पर महिला सशक्तिकरण का एक बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि जब बेटियां इस तरह आगे बढ़ती हैं, तो समाज और स्वास्थ्य सेवाएं दोनों मजबूत होती हैं।
विपक्ष पर तीखा प्रहार अपने संबोधन में सीएम योगी ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "पहले डॉक्टर अस्पताल जाएं या न जाएं, मरीजों को इलाज मिले या न मिले, किसी को कोई मतलब नहीं होता था। लेकिन आज हमारी 'डबल इंजन' सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी है।" उन्होंने बताया कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 17 से बढ़कर अब 81 हो गई है।
वैश्विक स्तर पर भारतीय नर्सों की मांग मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अधिकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि नर्सिंग एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ रोजगार की 100% गारंटी है। उन्होंने उल्लेख किया कि भारतीय नर्सिंग पेशेवरों की भारी मांग न केवल भारत में, बल्कि जापान, जर्मनी और कोरिया जैसे देशों में भी है।
इन जिलों के मेडिकल कॉलेजों में होगी तैनाती इन नर्सिंग अधिकारियों को प्रदेश के 13 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में तैनात किया जाएगा, जिनमें प्रमुख हैं:
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आगरा, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, झांसी, गोरखपुर, अंबेडकरनगर, कन्नौज, आजमगढ़, जालौन, सहारनपुर, बांदा और बदायूं।
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इसके अलावा कानपुर के जेके कैंसर संस्थान और हृदय रोग संस्थान में भी नियुक्तियां दी गई हैं।