लखनऊ, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में आयोजित तीन दिवसीय 'उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस' को संबोधित करते हुए प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी सरकार का लक्ष्य केवल खेती को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि किसान को एक सफल 'उद्यमी' (Entrepreneur) बनाना है।
ओलावृष्टि पीड़ितों को 24 घंटे में सहायता: मुख्यमंत्री ने हाल ही में हुई बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान पर संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिए हैं कि अगले 24 घंटों के भीतर प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलना शुरू हो जाए। उन्होंने 'मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना' के तहत तत्काल सहायता राशि जारी करने के निर्देश दिए हैं।
किसान बनेगा उद्यमी: योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्राचीन भारत में किसान केवल उत्पादक नहीं, बल्कि एक कारीगर और उद्यमी भी था। उन्होंने वैज्ञानिकों से अपील की कि तकनीक के माध्यम से किसान को 'उत्पादक' से 'उद्यमी' बनने के मार्ग पर आगे बढ़ाया जाए।
यूपी का कृषि मॉडल देश में नंबर वन: सीएम ने गर्व से बताया कि भारत की कुल कृषि योग्य भूमि का मात्र 11% हिस्सा उत्तर प्रदेश के पास है, लेकिन प्रदेश का किसान देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन का 21% अकेले पैदा करता है। उन्होंने कृषि विकास दर को 8% से बढ़ाकर 18% तक ले जाने की उपलब्धि भी साझा की।
फ्री बिजली और नहरों का जाल: किसानों को राहत देते हुए सीएम ने दोहराया कि सरकार 16 लाख नलकूपों (Tubewells) के लिए मुफ्त बिजली दे रही है, जिसका 3,000 करोड़ रुपये का बोझ सरकार खुद उठा रही है। उन्होंने 'सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना' जैसे प्रोजेक्ट्स का भी जिक्र किया जो 14 लाख हेक्टेयर भूमि को सींच रहे है।
गौ सेवा और प्राकृतिक खेती: योगी जी ने 7,700 से अधिक निराश्रित गौ आश्रय स्थलों का जिक्र किया और बताया कि हर गाय के भरण-पोषण के लिए सरकार 1,500 रुपये महीना दे रही है। उन्होंने वैज्ञानिकों को 'Lab to Land' के बजाय 'Lab in Land' (खेत ही प्रयोगशाला बने) का मंत्र दिया।