लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश की प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। संस्थान के पीडियाट्रिक विभाग की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने विभाग के ही एक एडिशनल प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
कमरे में बुलाकर की गई छेड़छाड़ पीड़िता का आरोप है कि एडिशनल प्रोफेसर ने उसे अपने कमरे में बुलाया और उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। डॉक्टर ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि कैसे प्रोफेसर ने अपनी मर्यादा लांघते हुए छेड़छाड़ की। इस घटना के बाद से ही कैंपस में हड़कंप मच गया और छात्रों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की जाने लगी।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के अनुसार, शिकायत मिलते ही कुलपति के आदेश पर आरोपी प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही, विभाग में उनकी एंट्री पर भी पाबंदी लगा दी गई है। मामले की गहराई से जांच के लिए आंतरिक शिकायत समिति (ICC - विशाखा कमेटी) का गठन किया गया है। प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष होगी और रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ आगे की कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
50 दिनों में तीसरा मामला चिंताजनक बात यह है कि पिछले करीब 50 दिनों के भीतर KGMU में यौन उत्पीड़न का यह तीसरा मामला सामने आया है। बार-बार होती ऐसी घटनाओं ने संस्थान की आंतरिक व्यवस्था और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।