लखनऊ 9 मार्च | राजधानी के ग्रामीण अंचल से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने मानवता और पिता-पुत्र के पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर दिया है। लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव में महज चंद बीघे जमीन के टुकड़े के लिए एक बेटे ने अपने ही जन्मदाता पिता की कुल्हाड़ी/लाठी से वार कर निर्मम हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और ग्रामीण स्तब्ध हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक बुजुर्ग और उनके आरोपी बेटे के बीच पिछले काफी समय से पुश्तैनी जमीन के बंटवारे को लेकर अनबन चल रही थी। बताया जा रहा है कि आरोपी बेटा अपने पिता पर जमीन का एक बड़ा हिस्सा अपने नाम करने का लगातार दबाव बना रहा था। पिता द्वारा इंकार किए जाने पर घर में अक्सर कलह होती रहती थी। सोमवार की शाम को भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी नोक-झोंक शुरू हुई, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और पड़ोसियों के मुताबिक, बहस के दौरान आरोपी बेटा अपना आपा खो बैठा और उसने पास रखे घातक हथियार से अपने पिता के सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए। बुजुर्ग पिता की चीख सुनकर जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर चुके थे। आरोपी बेटा वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार होने में कामयाब रहा। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल बुजुर्ग को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
सूचना मिलते ही मोहनलालगंज कोतवाली पुलिस और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस के आला अधिकारियों (DCP South) ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं और घटनास्थल से जरूरी नमूने लिए गए हैं। पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक के अन्य परिजनों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या (IPC/BNS की संबंधित धाराओं) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
लखनऊ पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया है। पुलिस की टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के यहां लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की मदद से जल्द ही आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
राजधानी के आसपास के ग्रामीण इलाकों में जमीनी विवाद के कारण होने वाली हत्याओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। समाजशास्त्रियों का कहना है कि संपत्ति का मोह और नैतिक मूल्यों में गिरावट के कारण आज खून के रिश्ते ही एक-दूसरे के दुश्मन बन रहे हैं। मोहनलालगंज की इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।