लखनऊ: राजधानी लखनऊ के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। लखनऊ मेट्रो के दूसरे फेज यानी 'ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर' (East-West Corridor) के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। केंद्र और राज्य सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद अब धरातल पर काम शुरू होने की तैयारी है। करीब 11 किलोमीटर लंबे इस नए रूट से पुराने लखनऊ की यातायात व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।
कब से शुरू होगा काम?
ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, मेट्रो फेज-2 के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि 2026 के मध्य तक निर्माण कार्य (Construction) ज़मीनी स्तर पर शुरू हो जाएगा। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने इस रूट के लिए अपनी तैयारी पूरी कर ली है। चूंकि कैबिनेट से बजट और फाइल पास हो चुकी है, इसलिए अब केवल निर्माण एजेंसी के चयन का इंतजार है।
कैसा होगा नया रूट और स्टेशन?
लखनऊ मेट्रो का दूसरा फेज चारबाग से शुरू होकर बसंतकुंज (Hardoi Road) तक जाएगा। इसमें कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें से 7 स्टेशन अंडरग्राउंड (भूमिगत) होंगे और 5 स्टेशन एलिवेटेड होंगे। प्रस्तावित स्टेशन: चारबाग (इंटरचेंज), गौतम बुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, मेडिकल कॉलेज चौराहा, चौक, ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और बसंतकुंज।
पुराने लखनऊ को मिलेगा बड़ा फायदा:
इस रूट के शुरू होने से अमीनाबाद और चौक जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। साथ ही, मेडिकल कॉलेज (KGMU) जाने वाले मरीजों और तीमारदारों के लिए सफर बहुत आसान हो जाएगा। उत्तर वर्ल्ड (Uttar World) की इस खास रिपोर्ट को शेयर करें और लखनऊ के विकास से जुड़ी हर अपडेट के लिए हमें फॉलो करें।