लखनऊ : राजधानी लखनऊ के हरदोई रोड स्थित ककराव गांव उस वक्त खौफ से कांप उठा जब एक 12 साल की मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या कर दी गई। बच्ची का शव शुक्रवार सुबह सरसों के खेत में मिला। यह मामला 'मिस्ट्री किलिंग' में उलझता जा रहा है, क्योंकि हत्या से महज 3 दिन पहले बच्ची की इंस्टाग्राम पर एक लड़के से दोस्ती हुई थी, जिसे पुलिस अब मौत का 'ट्रिगर पॉइंट' मान रही है।
क्या है 'खौफनाक पहेली'? मृतक बच्ची, अपने मामा के घर में रहकर पढ़ाई करती थी। गुरुवार को वह ट्यूशन के लिए निकली, लेकिन घर नहीं लौटी। शुक्रवार सुबह उसका शव खेत में मिला, शरीर पर चोट के निशान और गला घोंटने की आशंका। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या से ठीक 3 दिन पहले बच्ची ने इंस्टाग्राम पर एक लड़के से दोस्ती की थी, जिसकी जांच में पुलिस जुटी है।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप: परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में गंभीर लापरवाही बरती। बच्ची के लापता होने पर जब गुरुवार रात को परिजन शिकायत लेकर थाने पहुंचे, तो पुलिस ने तुरंत FIR दर्ज नहीं की। परिजनों को बताया गया कि नाबालिग के गुमशुदा होने पर 24 घंटे इंतजार करना पड़ता है। अगर समय रहते जांच शुरू होती, तो शायद बच्ची की जान बच सकती थी।
इंस्टाग्राम कनेक्शन और साइबर क्राइम का नया एंगल: पुलिस अब इंस्टाग्राम चैट और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। यह मामला दिखाता है कि कैसे सोशल मीडिया पर बनने वाली अंजान दोस्ती बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। क्या यह कोई 'लव जिहाद' या 'हनीट्रैप' का मामला है? पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
जांच के मुख्य बिंदु: इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती की सच्चाई। लड़के की पहचान और उसकी भूमिका। हत्या के पीछे का मकसद (बलात्कार या पुरानी रंजिश)। पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई में हुई देरी की जांच।