लखनऊ: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की तेजतर्रार विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने एक बार फिर योगी सरकार की कानून व्यवस्था और पुलिसिया कार्रवाई पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। मछलीशहर से विधायक रागिनी सोनकर ने उत्तर प्रदेश पुलिस के 'एनकाउंटर मॉडल' को निशाने पर लेते हुए इसे न्याय प्रक्रिया के विरुद्ध बताया है।
'न्याय का विकल्प एनकाउंटर नहीं हो सकता' सपा विधायक ने एक जनसभा के दौरान कहा कि किसी भी सभ्य समाज में न्याय का रास्ता अदालतों से होकर गुजरना चाहिए, न कि बंदूकों से। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में एनकाउंटर के नाम पर डर का माहौल बनाया जा रहा है। डॉ. रागिनी ने सवाल उठाया कि अगर पुलिस ही मौके पर फैसला करने लगेगी, तो फिर न्यायपालिका और संविधान का क्या महत्व रह जाएगा?
विपक्ष का हमला तेज रागिनी सोनकर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए कुछ एनकाउंटर्स को लेकर विपक्षी दल लगातार हमलावर हैं। सपा विधायक ने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए इस तरह की कार्रवाइयों का सहारा ले रही है। उन्होंने माँग की कि हर एनकाउंटर की निष्पक्ष न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि सच जनता के सामने आ सके।
सरकार की साख पर सवाल विधायक ने आगे कहा कि प्रदेश की जनता अब जागरूक हो चुकी है और वह केवल जुमलों से संतुष्ट नहीं होगी। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय सरकार का पूरा ध्यान दमनकारी नीतियों पर है। रागिनी सोनकर का यह कड़ा रुख सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा बटोर रहा है।