लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और मंडलायुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की हर तहसील और ब्लॉक मुख्यालय में 'ई-ऑफिस' (e-Office) प्रणाली को अनिवार्य रूप से और कड़ाई से लागू किया जाए।
लापरवाह कर्मचारियों पर गिरेगी गाज, रुकेगा वेतन
मुख्य सचिव ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक के दौरान नाराजगी जाहिर की कि अभी भी बड़ी संख्या में कर्मचारी पूरे महीने में एक बार भी ई-ऑफिस पोर्टल पर लॉगिन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने सख्त आदेश दिया है कि जो कर्मचारी महीने में एक बार भी लॉगिन नहीं करेंगे, उनका वेतन रोक दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि चालू वित्तीय वर्ष के भीतर ही सभी तहसीलों और ब्लॉकों को पूरी तरह डिजिटल कर दिया जाए।
हर मंडल में खुलेगा स्पोर्ट्स कॉलेज, 50 एकड़ जमीन की तलाश
बैठक में खेल विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने घोषणा की कि प्रदेश के सभी मंडलों में एक-एक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जाएगी। इसके लिए अयोध्या, बरेली, आगरा, मिर्जापुर, देवीपाटन (गोंडा), झांसी, बस्ती, मुरादाबाद, मेरठ और अलीगढ़ सहित 10 मंडलों में 50 एकड़ उपयुक्त भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह जमीन मंडल मुख्यालय या मंडल के किसी भी जिले में हो सकती है, बशर्ते वह मुख्य सड़क से जुड़ी हो।
बालिका शौचालयों की उपलब्धता पर 5 मार्च तक रिपोर्ट तलब
मुख्य सचिव ने महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी डीएम को निर्देश दिया कि यूडायस (UDISE) और प्रेरणा पोर्टल के माध्यम से समीक्षा करें। उन्होंने आदेश दिया कि 5 मार्च से पहले सभी मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, राजकीय और परिषदीय विद्यालयों में बालिका शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और इसकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड की जाए।