महोबा: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति का असर एक बार फिर देखने को मिला है। महोबा जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में तैनात एक बड़े अधिकारी को विजिलेंस की टीम ने ₹2 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद का हाई वोल्टेज ड्रामा अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक, महोबा के सीएमओ ऑफिस में तैनात फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक मैनेजर लंबे समय से एक काम को पास करने के बदले में रिश्वत की मांग कर रहा था। पीड़ित की शिकायत पर विजिलेंस टीम ने पूरी प्लानिंग के साथ 'ट्रैप' तैयार किया। जैसे ही आरोपी मैनेजर ने ₹2 लाख की नकद राशि अपने हाथ में ली, पहले से घात लगाकर बैठी टीम ने उसे दबोच लिया।
वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि विजिलेंस की टीम जब आरोपी को दफ्तर से बाहर निकाल रही थी, तो वह अपनी बेबसी का नाटक करने लगा। जो अफसर कुछ देर पहले तक रौब झाड़कर पैसे मांग रहा था, वह गिरफ्तारी के समय बच्चों की तरह फूट-फूटकर रोने लगा और हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगने लगा। टीम उसे घसीटते हुए गाड़ी तक ले गई और सीधे हिरासत में ले लिया।
आरोपी मैनेजर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विजिलेंस टीम अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस खेल में विभाग के कुछ और बड़े अधिकारी भी शामिल थे। यह कार्रवाई यूपी के सरकारी दफ्तरों में बैठे भ्रष्ट मुलाजिमों के लिए एक सख्त संदेश है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं।