मैनपुरी: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के कुरावली इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक पुलिस अधिकारी का तेवर चर्चा का विषय बना हुआ है। ईद के पवित्र मौके पर ईदगाह में नमाज अदा करने जुटे लोगों और स्थानीय पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इस दौरान कुरावली के एसएचओ (SHO) ललित भाटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि कुरावली के ईदगाह पर नमाज अदा करने के लिए लोग एकत्र हुए थे। इसी बीच एसएचओ ललित भाटी पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे और शासन के आदेशों का हवाला देते हुए सड़क या गेट के बाहर नमाज पढ़ने से रोकने लगे। विवाद तब बढ़ गया जब बातचीत के दौरान एसएचओ साहब का लहजा सख्त हो गया। उन्होंने कथित तौर पर मुतवल्ली और वहां मौजूद लोगों को धमकाते हुए कहा कि "नमाज नहीं होने दूंगा" और "मिटा दूंगा"।
वीडियो में मुतवल्ली और स्थानीय लोग एसएचओ से लिखित आदेश दिखाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि वे वर्षों से यहां नमाज अदा करते आए हैं और कभी कोई समस्या नहीं हुई। यहाँ तक कि स्थानीय हिंदू भाइयों ने भी कहा कि उन्हें नमाज से कोई आपत्ति नहीं है। इसके बावजूद, एसएचओ ललित भाटी अपनी बात पर अड़े रहे और चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी ने जबरदस्ती नमाज पढ़ने की कोशिश की तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा।
एसएचओ का कहना है कि शासन का स्पष्ट आदेश है कि नमाज परिसर के अंदर ही होनी चाहिए और सड़क या सार्वजनिक रास्तों को बाधित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों को परसों ही सूचित करने का दावा किया था। पुलिस अधिकारी के अनुसार, वह केवल शांति व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी निर्देशों का पालन कराने की कोशिश कर रहे थे।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस का काम है, लेकिन जिस तरह की भाषा ("मिटा दूंगा", "जमीन में गाड़ दूंगा") का इस्तेमाल वीडियो में सुना जा रहा है, वह एक जिम्मेदार अधिकारी को शोभा नहीं देता। फिलहाल इस मामले ने प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है।