UttarWorld Global Desk | बीजिंग: एक तरफ खाड़ी देशों में बारूद बरस रहा है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था—चीन—अपनी भविष्य की तैयारियों में जुटी है। Al Jazeera की रिपोर्ट के अनुसार, चीन की सबसे बड़ी राजनीतिक बैठक 'नेशनल पीपल्स कांग्रेस' (NPC) शुरू होने वाली है, जहाँ चीन अपनी अगली 'पंचवर्षीय योजना' (Five-Year Plan) का ऐलान करेगा।
UttarWorld की इस विशेष रिपोर्ट में समझिए चीन के इस नए प्लान के 4 बड़े पहलू:
1. सैन्य ताकत और 'आत्मनिर्भरता' पर जोर
ईरान और इज़राइल के बीच जारी युद्ध को देखते हुए, चीन अपनी सैन्य शक्ति (Military Power) को और आधुनिक बनाने पर रिकॉर्ड खर्च कर सकता है। चीन का लक्ष्य है कि वह तकनीक और डिफेंस के मामले में अमेरिका पर अपनी निर्भरता पूरी तरह खत्म कर दे।
2. आर्थिक सुस्ती से निपटने की चुनौती
पिछले कुछ समय से चीन की जीडीपी (GDP) ग्रोथ धीमी रही है। इस नए 5-वर्षीय प्लान में घरेलू खपत बढ़ाने और रियल एस्टेट सेक्टर को संकट से उबारने के लिए बड़े 'राहत पैकेज' का ऐलान हो सकता है।
3. 'हाई-टेक' चीन: AI और चिप मेकिंग
चीन अब 'दुनिया की फैक्ट्री' से आगे बढ़कर Artificial Intelligence (AI) और सेमीकंडक्टर चिप का ग्लोबल लीडर बनना चाहता है। इस योजना में तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में भारी निवेश का रोडमैप पेश किया जाएगा।
4. भारत और दुनिया पर क्या होगा असर?
चीन की नई नीतियां तय करेंगी कि आने वाले समय में वैश्विक व्यापार (Global Trade) किस दिशा में जाएगा। अगर चीन अपनी सप्लाई चेन को और मजबूत करता है, तो इसका सीधा मुकाबला भारत के 'मेक इन इंडिया' अभियान से होगा।
उत्तर वर्ल्ड (UttarWorld.com) का टेक:
भैया, चीन का यह कदम बताता है कि वह दुनिया के शोर-शराबे और युद्ध से अलग अपनी लंबी रेस की तैयारी कर रहा है। भारत के लिए भी यह योजना बहुत मायने रखती है क्योंकि पड़ोसी होने के नाते चीन की हर आर्थिक चाल का असर हमारे बाजार पर भी पड़ता है।