नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों ने पूरी दुनिया की टेंशन बढ़ा दी है। चूंकि भारत अपनी ज़रूरत का ज़्यादातर कच्चा तेल और गैस इन्हीं रास्तों से मंगाता है, इसलिए लोगों को डर था कि क्या देश में ईंधन की कमी हो जाएगी?
लेकिन अब भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, भारत के पास कच्चे तेल (Crude Oil) और एलएनजी (LNG) का पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है। अगर सप्लाई में थोड़ी रुकावट आती भी है, तो देश के पास इसे झेलने की ताकत है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि फिलहाल भारत को होने वाली तेल और गैस की सप्लाई पर कोई "Immediate Shock" (तुरंत असर) नहीं पड़ा है। शिपमेंट अभी भी आ रहे हैं। भारत ने पहले से ही अपने 'स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व' (भूमिगत टैंकों में जमा आपातकालीन तेल) को तैयार रखा है, जो मुश्किल वक्त में काम आएगा।
दरअसल, ईरान और इज़राइल के बीच तनाव की वजह से 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के बंद होने का खतरा मंडरा रहा था। यह दुनिया का वो समुद्री रास्ता है जहाँ से पूरी दुनिया का लगभग 20% और भारत का 50% से ज़्यादा तेल गुजरता है। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार जा सकती हैं।
फिलहाल सरकार के इस बयान का मतलब है कि पेट्रोल और डीजल की किल्लत नहीं होगी। हालांकि, अगर युद्ध लंबा चला तो ग्लोबल मार्केट में तेल महंगा होने की वजह से भविष्य में कीमतों में बदलाव हो सकता है, लेकिन अभी के लिए सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है।