नई दिल्ली: देश के आम बजट से ठीक पहले दलाल स्ट्रीट पर मातम पसर गया है। शुक्रवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए किसी दुःस्वप्न (Nightmare) से कम नहीं रही। बाजार खुलते ही बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि महज 15 मिनट के भीतर निवेशकों की 4 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति राख हो गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही औंधे मुंह गिरे हैं, जिससे बाजार में हड़कंप मच गया है।
बाजार में 'कोहराम' के 5 बड़े कारण:
बजट का डर (Budget Anxiety): वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को बजट पेश करने वाली हैं। निवेशकों को डर है कि बजट में टैक्स नियमों या कैपिटल गेन्स को लेकर कोई कड़ा फैसला आ सकता है। बजट से पहले की इस घबराहट ने 'प्रॉफिट बुकिंग' को तेज कर दिया है।
रुपये की ऐतिहासिक गिरावट: भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 91.98 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। रुपये की इस कमजोरी ने विदेशी निवेशकों (FIIs) के भरोसे को हिला दिया है।
ट्रंप और 'टैक्स वॉर' का साया: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीतियों और वैश्विक व्यापार युद्ध (Trade War) की आशंका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिसका सीधा असर भारत पर दिख रहा है।
विदेशी निवेशकों (FPI) की भारी निकासी: विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं। जनवरी के महीने में अब तक अरबों डॉलर की बिकवाली हो चुकी है।
आईटी और हैवीवेट शेयरों में गिरावट: इंफोसिस, टीसीएस और रिलायंस जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे इंडेक्स बुरी तरह टूट गया।
बाजार का हाल (आंकड़ों में):
सेंसेक्स: करीब 625 अंक टूटकर 81,941 के स्तर पर आ गया।
निफ्टी: 194 अंक गिरकर 25,224 के नीचे फिसल गया।
मार्केट कैप: बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 455.73 लाख करोड़ रह गया।
सोशल मीडिया अपडेट (For उत्तर वर्ल्ड): बड़ी खबर: बजट से पहले शेयर बाजार में हाहाकार! 15 मिनट में डूबे 4 लाख करोड़ रुपये। सेंसेक्स और निफ्टी में मची भारी चीख-पुकार। क्या आपके पोर्टफोलियो में भी लगी है आग? पूरी रिपोर्ट पढ़ें उत्तर वर्ल्ड पर।