मुंबई/नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला 24 घंटा किसी डरावने सपने से कम नहीं रहा। कल (4 मार्च) को सेंसेक्स में 1500 अंकों की भारी गिरावट और निफ्टी में आए ज़बरदस्त भूकंप के बाद, आज यानी 5 मार्च को भी निवेशकों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं।
कल क्यों डूबे निवेशकों के लाखों करोड़?
कल की गिरावट के पीछे तीन बड़े कारण थे:
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ईरान-इज़राइल युद्ध का डर: युद्ध की खबरों ने पूरी दुनिया के बाजारों को डरा दिया है।
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विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली: विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से अपना पैसा तेजी से निकालना शुरू कर दिया है।
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कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें: सप्लाई रुकने के डर से कच्चे तेल के दाम बढ़ने लगे हैं, जिसका असर सीधा शेयर बाजार पर पड़ा।
आज (5 मार्च) की ताज़ा स्थिति:
कल की तबाही के बाद, आज बाजार खुलने पर हल्की संभलने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अभी भी दबाव साफ दिख रहा है।
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रिकवरी की कोशिश: सुबह बाजार खुलते ही कुछ शेयरों में खरीदारी दिखी है, लेकिन कल जो 1500 पॉइंट का नुकसान हुआ था, उसकी भरपाई अभी कोसों दूर है।
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इन सेक्टर्स पर नज़र: रिलायंस, टाटा मोटर्स और बैंकिंग शेयरों पर आज सबकी नज़र है। आईटी (IT) सेक्टर में अभी भी थोड़ी कमजोरी बनी हुई है।
एक्सपर्ट्स की राय: अब क्या करें?
बाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक ईरान और इज़राइल के बीच तनाव कम नहीं होता, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। छोटे निवेशकों को इस समय जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचना चाहिए और बाजार के स्थिर होने का इंतज़ार करना चाहिए।