मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में प्रसिद्ध गौ रक्षक 'फरसा वाले बाबा' की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद जबरदस्त हिंसा और बवाल भड़क उठा है। इस घटना ने पूरे ब्रज क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है। गुस्साए ग्रामीणों और गौ भक्तों ने दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया और स्थिति को काबू करने पहुंची पुलिस टीम पर भारी पथराव किया।
कैसे शुरू हुआ बवाल? (घटना का सिलसिला) बवाल की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में दावा किया गया कि फरसा वाले बाबा अपनी बाइक से गौ तस्करों का पीछा कर रहे थे। इसी दौरान एक संदिग्ध वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी और वे मौके से फरार हो गए। जैसे ही यह खबर गांव में फैली, लोग आक्रोशित हो गए और इंसाफ की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हाईवे पर जमा भीड़ इतनी उग्र हो गई कि उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, तो दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया।
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पथराव और आंसू गैस: प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाया और जमकर पत्थरबाजी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले (Tear Gas) छोड़ने पड़े।
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पुलिसकर्मी जख्मी: इस हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। हाईवे पर घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पुलिस का 'एक्सीडेंट' दावा और जनता का इनकार मथुरा पुलिस इस पूरी घटना को एक 'हादसा' बता रही है। पुलिस का कहना है कि बाबा की बाइक को जिस कंटेनर ने टक्कर मारी, उसमें किराने का सामान (परचून) लदा था और उसमें कोई गौ तस्करी का सबूत नहीं मिला है। हालांकि, प्रदर्शनकारी इस थ्योरी को मानने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि यह एक सोची-समझी हत्या है और दोषियों को उनके हवाले किया जाए।
CM योगी का सख्त एक्शन मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है। उन्होंने अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए और किसी भी अपराधी को बख्शा न जाए। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल और पीएसी (PAC) तैनात कर दी गई है और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।