मऊ : उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें रेप सर्वाइवर (यौन शोषण की पीड़िता) के घर जाकर उस पर दबाव डालने के आरोप में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष समेत तीन स्थानीय नेताओं के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज कर दी गई है। मामला पुलिस चौकसी का विषय बन गया है और सामाजिक व राजनीतिक दोनों ही स्तर पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
घटना थाना सरायलखनसी क्षेत्र की है, जहाँ पीड़िता के खिलाफ यौन शोषण का मामला पहले दर्ज किया गया था और आरोपी इंजिनियर अंकित सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोप है कि इसके बाद बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह उर्फ पन्नू, कन्हैया तिवारी व हिमांशु राय सहित तीन नेताओं ने पीड़िता और उसके परिवार वालों से मामला वापस लेने या ‘सेटलमेंट’ कराने का दबाव बनाने का प्रयास किया।
पुलिस ने बताया कि जब आरोपियों ने पीड़िता के घर जाकर समझौते का दबाव बनाया, तो उसका एक वीडियो बनकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वायरल वीडियो में नेता घर पर मौजूद दिखाई दे रहे थे और पीड़िता ने बाद में यह वीडियो सार्वजनिक कर दिया, जिससे मामला और तूल पकड़ गया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने थाना सरायलखनसी में मामला दर्ज किया, जिसमें भाजपा जिला उपाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह उर्फ पन्नू, कन्हैया तिवारी और हिमांशु राय को आरोपी बनाया गया। यह एफआईआर पेच, दबाव निर्माण और धमकी देने जैसे आरोपों के तहत दर्ज की गई है। मामले की जांच पुलिस अभी आगे विस्तृत रूप से कर रही है।
यह घटना कानून, नैतिकता और राजनीति के बीच एक संवेदनशील मुद्दा बन चुकी है। स्थानीय समुदाय और महिला सुरक्षा समर्थक संगठनों ने निष्पक्ष जांच और कड़े कानूनी कार्रवाई की मांग भी की है। विपक्षी दलों ने भी योगी सरकार पर सवाल उठाते हुए सत्ता व नेताओं के प्रभाव के चलते दबाव बनाने के आरोपों की निंदा की है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी इस पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं हुआ है।