मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ से शुरू हुआ 'तलाक के बाद जश्न' का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। जहां एक ओर बेटी के मायके वालों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उसका स्वागत कर मिसाल पेश करने की कोशिश की, वहीं अब लड़के के परिवार ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा है। शाहजहांपुर के रहने वाले श्याम किशोर अग्निहोत्री और उनकी पत्नी अनीता अग्निहोत्री ने अपनी बहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
'फौजी परिवार की छवि खराब करने की कोशिश'
मृतक के ससुर श्याम किशोर अग्निहोत्री, जो खुद सूबेदार मेजर से रिटायर्ड हैं, ने बताया कि उनका पूरा परिवार सेना में रहकर देश की सेवा कर रहा है। उनका बेटा सेना में अधिकारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बहू और उसके परिवार ने जानबूझकर इस निजी मामले को सोशल मीडिया पर वायरल किया, जिससे उनके परिवार की मान-मर्यादा को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि तलाक के समय समझौता हुआ था कि कोई सार्वजनिक बयानबाजी नहीं करेगा, लेकिन लड़की पक्ष ने इसे तोड़ दिया।
बेटे को मां-बाप से अलग करने का आरोप
सास अनीता अग्निहोत्री ने रोते हुए बताया कि उन्होंने बहू को कभी बहू नहीं, बल्कि बेटी माना था। उन्होंने बहू के घुटने के ऑपरेशन के दौरान डेढ़ महीने तक अस्पताल में सेवा की थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही विवाद शुरू हो गया और बहू उनके बेटे को मां-बाप से दूर रहने के लिए मजबूर करने लगी। उनका कहना है कि 2025 में पोते के जन्म के बाद विवाद और बढ़ गया, क्योंकि लड़की पक्ष उनके बेटे को डिप्रेशन में डालकर बच्चे पर अपना एकाधिकार जमाना चाहता था।
दहेज के झूठे मुकदमे का दावा
ससुराल पक्ष का कहना है कि यह शादी बिना किसी दहेज के हुई थी, लेकिन फिर भी उन पर दहेज और प्रताड़ना के झूठे आरोप लगाए गए। उन्होंने बताया कि उनका बेटा अभी भी इस पूरी घटना से सदमे में है और डिप्रेशन का शिकार है। फिलहाल, यह मामला अब सिर्फ दो लोगों के तलाक का नहीं, बल्कि आरोपों और भावनाओं की एक बड़ी कानूनी और सामाजिक जंग बन चुका है।