मेरठ : जिले में एक अंतरधार्मिक विवाह (Interfaith Marriage) को लेकर छिड़ा विवाद अब बड़े टकराव का रूप ले चुका है। शुक्रवार को मवाना रोड स्थित एक मंडप में होने वाली शादी के विरोध में हिंदू संगठनों ने 'हिंदू महापंचायत' का ऐलान किया, जिसके बाद प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।
शादी का कार्ड वायरल होने पर मचा बवाल पूरा मामला गंगानगर निवासी एक युवती और मुस्लिम युवक शाहवेज के निकाह से जुड़ा है। सोशल मीडिया पर शादी का कार्ड वायरल होने के बाद अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन और अन्य संगठनों ने इसे 'लव जिहाद' करार दिया। आरोप है कि शादी के कार्ड पर दूल्हे का नाम 'साहिल' छपवाया गया था, जबकि उसका असली नाम शाहवेज है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नेता नजरबंद महापंचायत को रोकने के लिए मेरठ पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही और हिंदू रक्षा दल के नेता पिंकी चौधरी समेत कई हिंदूवादी नेताओं को उनके घरों में 'हाउस अरेस्ट' (नजरबंद) कर दिया गया है। गाजियाबाद की सीमा पर भी पुलिस का पहरा है ताकि बाहरी नेता मेरठ में प्रवेश न कर सकें।
चाचा ने दर्ज कराया 'धर्मांतरण' का मुकदमा युवती के चाचा ने गंगानगर थाने में शाहवेज के खिलाफ धर्मांतरण और लव जिहाद की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। हालांकि, युवती का कहना है कि वह और शाहवेज पिछले 6 साल से रिश्ते में हैं और उसने स्वेच्छा से स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत आवेदन किया था। युवती ने यह भी स्पष्ट किया कि वह बौद्ध धर्म को मानती है, इसलिए लव जिहाद का आरोप निराधार है।
शादी और महापंचायत दोनों टली तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए रिसॉर्ट मालिक ने किसी भी विवादित आयोजन या पंचायत से पल्ला झाड़ लिया है। फिलहाल, 13 फरवरी को होने वाली शादी को निरस्त कर दिया गया है और प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी कीमत पर माहौल बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।