मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में अवैध निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। एक मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने मेरठ के संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि कानून की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में हो रहे अवैध निर्माण और उस पर अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाए। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे हैं। "अवैध निर्माण बिना मिलीभगत के संभव नहीं है, और अब समय आ गया है कि इसकी जवाबदेही तय हो।"
शीर्ष अदालत ने मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) और अन्य संबंधित विभागों के कामकाज पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि अवैध निर्माण के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कानून के उल्लंघन के ऐसे मामले सामने आए, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ में एक विवादित स्थल पर अवैध रूप से हो रहे निर्माण के खिलाफ याचिका दायर की गई थी। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां कोर्ट ने जमीनी हकीकत को देखते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया।