मंगलवार, 17 मार्च 2026
मुरादाबाद

मुरादाबाद की महिलाओं का गोबर से गोल्ड तक का सफर गाय के गोबर से बना हवन टिकली

By Uttar World Desk

11 मा, 2026 | 10:55 बजे
मुरादाबाद की महिलाओं का गोबर से गोल्ड तक का सफर गाय के गोबर से बना हवन टिकली

मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से आत्मनिर्भरता की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो न सिर्फ पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि ग्रामीण महिलाओं की किस्मत भी बदल रही है। यहाँ की महिलाओं ने बेकार समझे जाने वाले गाय के गोबर को कमाई का जरिया बना लिया है। ये महिलाएं गोबर से विशेष प्रकार की 'हवन टिकली' तैयार कर रही हैं, जिसकी मांग अब बाजारों में तेजी से बढ़ रही है।

मुरादाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली इन महिलाओं के पास पहले आय का कोई स्थायी साधन नहीं था। लेकिन 'लोकल 18' की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर इन महिलाओं ने गोबर का सही इस्तेमाल सीखा। अब वे गोबर को सुखाकर उसमें कुछ विशेष जड़ी-बूटियाँ और हवन सामग्री मिलाकर छोटी-छोटी टिकली (Havan Tikli) बना रही हैं। इन टिकलियों का उपयोग हवन और पूजा-पाठ में किया जाता है।

इन महिलाओं का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह प्राकृतिक है। सबसे पहले शुद्ध गाय के गोबर में हवन सामग्री, लोबान, गूगल और कपूर का बुरादा मिलाया जाता है। इसके बाद इसे छोटी-छोटी टिकियों या दीयों के आकार में ढाला जाता है। तैयार टिकियों को धूप में सुखाया जाता है, जिसके बाद ये उपयोग के लिए तैयार हो जाती हैं। इन टिकलियों की खासियत यह है कि इन्हें जलाने पर हवन जैसी खुशबू आती है और यह वातावरण को शुद्ध करती हैं।

युद्ध और बढ़ते प्रदूषण के बीच लोग अब केमिकल युक्त अगरबत्तियों के बजाय प्राकृतिक विकल्पों की तलाश कर रहे हैं। मुरादाबाद की महिलाओं द्वारा बनाई गई ये 'हवन टिकली' अब न केवल स्थानीय बाजारों में बल्कि दिल्ली और नोएडा जैसे बड़े शहरों के मॉल्स और पूजा की दुकानों तक पहुँच रही हैं।

इस काम से जुड़ी एक महिला ने बताया कि पहले उन्हें घर खर्च के लिए पति पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे घर का काम निपटाकर रोजाना 3-4 घंटे यह काम करती हैं। इससे उन्हें महीने में 5,000 से 10,000 रुपये तक की अतिरिक्त आय हो रही है। इस समूह से अब तक दर्जनों महिलाएं जुड़ चुकी हैं, जिससे गांव की पूरी अर्थव्यवस्था में सुधार हो रहा है।

यह स्टार्टअप न केवल आर्थिक रूप से मजबूत है बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। गाय के गोबर का सही उपयोग होने से गंदगी कम होती है और लकड़ी के कोयले का इस्तेमाल भी घटता है। मुरादाबाद प्रशासन भी इन महिलाओं के जज्बे की सराहना कर रहा है और इन्हें 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) के माध्यम से आगे बढ़ाने की योजना पर विचार कर रहा है।

Uttar World News on Facebook

खबरों की पल-पल की अपडेट के लिए हमारे फेसबुक पेज को अभी लाइक करें।

अभी Like करें