लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने बेबाक और मजाकिया बयानों के लिए जाने जाते हैं। इस बार उन्होंने संसद के नए ड्रेस कोड और अनुशासन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने चुटीले अंदाज में कहा कि अब समय बदल गया है और उन्होंने खुद भी बदलाव अपना लिया है। अखिलेश ने आरएसएस (RSS) की पुरानी वर्दी का जिक्र करते हुए तंज कसा कि उन्होंने भी "निक्कर" (Shorts) छोड़कर अब पैंट पहनना शुरू कर दिया है। उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।
संसद के नियमों पर अखिलेश का निशाना
अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी सरकार केवल बाहरी दिखावे और ड्रेस कोड पर ध्यान दे रही है, जबकि देश के असली मुद्दों जैसे बेरोजगारी और महंगाई पर कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "संसद में नए नियम बनाए जा रहे हैं कि क्या पहनना है और क्या नहीं। अनुशासन के नाम पर विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।" अखिलेश ने आगे कहा कि ड्रेस बदलने से विचार नहीं बदलते और न ही जनता की समस्याएं हल होती हैं।
RSS की वर्दी पर पुराना निशाना
अखिलेश यादव का "निक्कर और पैंट" वाला बयान सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर इशारा था। गौरतलब है कि कुछ साल पहले आरएसएस ने अपनी गणवेश (वर्दी) में बदलाव करते हुए खाकी निक्कर की जगह फुल पैंट को अपनाया था। अखिलेश ने इसी बदलाव को आधार बनाकर बीजेपी और संघ पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को अनुशासित बताते हैं, वे केवल ड्रेस बदलते हैं, लेकिन उनकी नीतियां वही पुरानी और बांटने वाली हैं।
विपक्ष की एकजुटता और आगामी चुनाव
सपा प्रमुख ने इस दौरान आगामी चुनावों और विपक्षी गठबंधन 'INDIA' की मजबूती पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जनता अब नारों और नए ड्रेस कोड के बहकावे में आने वाली नहीं है। उत्तर प्रदेश की जनता देख रही है कि कैसे निवेश के नाम पर केवल इवेंट किए जा रहे हैं, जबकि धरातल पर कुछ भी नहीं है। अखिलेश ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे गांव-गांव जाकर बीजेपी की पोल खोलें और समाजवाद के संदेश को पहुँचाएँ।
बीजेपी का पलटवार
अखिलेश यादव के इस बयान पर बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी प्रवक्ताओं का कहना है कि अखिलेश यादव के पास कोई विजन नहीं बचा है, इसलिए वे अब कपड़ों और ड्रेस कोड जैसे सतही मुद्दों पर राजनीति कर रहे हैं। बीजेपी ने कहा कि अखिलेश को विकास की राजनीति समझ नहीं आती और वे केवल तुष्टिकरण और विवादित बयानों के सहारे अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं।
निष्कर्ष: ड्रेस बनाम मुद्दे
अखिलेश यादव का यह बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। समर्थकों का कहना है कि अखिलेश ने बड़े ही चतुराई से बीजेपी के वैचारिक आधार पर हमला किया है, वहीं आलोचक इसे बचकाना बयान बता रहे हैं। जो भी हो, उत्तर प्रदेश की राजनीति में 'निक्कर बनाम पैंट' की यह जंग अब आने वाले दिनों में और तेज़ होने वाली है।