नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने गणतंत्र दिवस के मद्देनजर पूर्वोत्तर राज्यीय परंपरा का प्रतीक “पटका” (Northeast Patka) नहीं पहना — जबकि राष्ट्रपति और आयोजकों ने इसका अनुरोध किया था। BJP ने कहा कि यह राज्यीय संस्कृति और सम्मान को नजरअंदाज करने जैसा व्यवहार है और ऐसे कृत्य को लेकर पार्टी ने सवाल खड़े किए हैं।
BJP की ओर से यह भी कहा गया कि जिन अतिथियों और नेताओं से परंपरागत पहनावे का अनुरोध किया गया था, राहुल गांधी ने पूर्वोत्तर के सांस्कृतिक प्रतीक पटका को पहनकर सम्मान नहीं दिया, जिससे पार्टी का मानना है कि यह संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता का अभाव दिखाता है। इस आरोप के साथ BJP ने कांग्रेस की नीतियों और रवैये पर भी निशाना साधा।
कांग्रेस का जवाब
कांग्रेस पार्टी ने BJP के आरोपों को सिरे से ख़ारिज कर दिया है और कहा है कि यह मुद्दा राजनीतिक प्रयास और ध्यान भटकाने का एक नया तरीका है। पार्टी के नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी ने समारोह में भागीदारी के दौरान सम्मान और शिष्टाचार की पूरी मर्यादा का पालन किया और इस तरह के आरोप वास्तविकता से परे हैं। कांग्रेस ने इसे धार्मिक और सांस्कृतिक भावना का अपमान करार देने के प्रयास कहा है और BJP पर राजनीतिक विवाद पैदा करने का आरोप लगाया है।
राजनीतिक और सांस्कृतिक संदर्भ
पूर्वोत्तर के राज्यों में पटका पहनना सम्मान और सद्भाव का प्रतीक माना जाता है, खासकर जब गणतंत्र दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रमों में राज्य प्रतिनिधियों और मेहमानों को यह सम्मान दिया जाता है। इस परंपरा को ध्यान में रखते हुए आयोजकों ने कई बार नेताओं से इसे पहनने का निवेदन किया था। BJP का कहना है कि इसे न पहनने से पूर्वोत्तर के प्रति सम्मान का सवाल उठता है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक आरोपों की राजनीति कह रही है।
यह बयानबाज़ी राजनीतिक गलियारों में तूल पकड़ गई है, खासकर उस समय जब हर पार्टी आगामी चुनावों और मतदाताओं के मन को प्रभावित करने के लिए संवेदनशील मुद्दों का उपयोग कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे सांस्कृतिक मुद्दे भी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनते जा रहे हैं, और इसका प्रभाव मतदाताओं पर पड़ सकता है।