नई दिल्ली: पूर्व थल सेनाध्यक्ष (Army Chief) जनरल एम.एम. नरवणे की अभी तक प्रकाशित न हुई किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ (Four Stars of Destiny) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोमवार को इस मामले में FIR दर्ज की है। आरोप है कि बिना आधिकारिक मंजूरी के इस किताब की PDF कॉपी और अंश सोशल मीडिया पर अवैध रूप से सर्कुलेट किए जा रहे हैं।
दरअसल, जनरल नरवणे ने यह किताब पब्लिश होने के लिए दी थी, लेकिन रक्षा मंत्रालय से इसे अभी तक हरी झंडी नहीं मिली है। पुलिस के मुताबिक, कुछ वेबसाइट्स पर इस किताब की टाइप-सेट PDF लीक हो गई है। यह मामला तब और गरमा गया जब 4 फरवरी को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी संसद में इस किताब की एक कॉपी लेकर पहुंच गए और इसके कुछ अंश पढ़ने की कोशिश की।
किताब के लीक हुए अंशों में 31 अगस्त 2020 की उस रात का जिक्र है जब पूर्वी लद्दाख में चीन और भारत के टैंक आमने-सामने थे। किताब के मुताबिक रात 10:10 बजे चीनी टैंक भारतीय चोटी से मात्र 500 मीटर दूर थे। नॉर्दर्न कमांड के चीफ ने फायर खोलने की अनुमति मांगी।
जब जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से स्पष्ट निर्देश मांगे, तो पीएम मोदी का संदेश आया— "जो उचित समझो, वो करो!"जनरल नरवणे ने लिखा है कि वह पूरी तरह से एक सैन्य फैसला था और पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर डाल दी गई थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार इस किताब को छिपाना चाहती है क्योंकि इसमें चीन और अग्निवीर योजना का सच है। इस मुद्दे पर लोकसभा में इतना हंगामा हुआ कि 8 सांसदों को सस्पेंड तक कर दिया गया।