नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने 'द हंड्रेड' (The Hundred) लीग में पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदे जाने पर सनराइजर्स फ्रैंचाइजी की कड़ी आलोचना की है। गावस्कर ने एक तीखे लेख में कहा कि किसी भी भारतीय मालिकाना हक वाली टीम द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को दी जाने वाली फीस सीधे तौर पर भारतीय सैनिकों और नागरिकों की जान के लिए खतरा बनती है।
क्या है पूरा मामला? हाल ही में इंग्लैंड की लीग 'द हंड्रेड' के लिए खिलाड़ियों की नीलामी हुई। इसमें सनराइजर्स लीड्स (SunRisers Leeds), जिसकी मालकिन सन ग्रुप की काव्या मारन हैं, ने पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को करीब 2.34 करोड़ रुपये (£190,000) में खरीदा। 2008 के मुंबई हमलों के बाद यह पहली बार है जब किसी IPL से जुड़ी टीम ने किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी पर बोली लगाई और उसे अपनी टीम में शामिल किया।
गावस्कर के तीखे बोल: गावस्कर ने अपने कॉलम में लिखा, "पाकिस्तानी खिलाड़ी को जो फीस दी जाती है, वह उनके देश की सरकार को टैक्स के रूप में जाती है। उसी टैक्स के पैसे से हथियार खरीदे जाते हैं, जो अंततः भारतीय सैनिकों और नागरिकों की मौत का कारण बनते हैं।" उन्होंने फ्रैंचाइजी मालिकों से सवाल किया कि क्या उनके लिए एक टूर्नामेंट जीतना भारतीयों की जान से ज्यादा कीमती है? गावस्कर ने यहाँ तक चेतावनी दी कि भारतीय फैंस इस फैसले के विरोध में स्टेडियम से दूरी बना सकते हैं या टीम का बहिष्कार कर सकते हैं।
सोशल मीडिया पर भारी विरोध: अबरार अहमद की खरीद के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर #BoycottSunrisers और #ShameOnSRH जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। विवाद इतना बढ़ गया कि सनराइजर्स लीड्स का आधिकारिक 'X' (ट्विटर) अकाउंट भी कुछ समय के लिए सस्पेंड कर दिया गया। हालांकि, टीम के कोच डेनियल विटोरी ने इसे केवल एक 'क्रिकेटिंग फैसला' बताया है, लेकिन गावस्कर के इस बयान ने मामले को पूरी तरह से राष्ट्रीय भावनाओं से जोड़ दिया है।