हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। शहर के घने बसे इलाके नामपल्ली (Nampally) में स्थित एक फर्नीचर की दुकान में आज अचानक भीषण आग लग गई। इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसकी चपेट में आने से ऊपर की मंजिलों पर रहने वाले कम से कम छह लोग अंदर ही फंस गए। धुएं और लपटों के बीच फंसे इन लोगों को निकालने के लिए प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
कैसे शुरू हुआ मौत का तांडव?
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग नामपल्ली रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक बहुमंजिला इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद फर्नीचर की दुकान में लगी। फर्नीचर की दुकान होने के कारण वहां भारी मात्रा में लकड़ी, फोम, रेक्सिन और थिनर जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ मौजूद थे। इन पदार्थों ने आग को ईधन देने का काम किया, जिससे कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत काले धुएं के गुबार से घिर गई।
शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। आग इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
6 लोग फंसे, चीख-पुकार से गूंजा इलाका
जिस इमारत में आग लगी, उसके ऊपरी हिस्सों में आवासीय अपार्टमेंट्स हैं। जब ग्राउंड फ्लोर पर आग लगी, तो सीढ़ियों का रास्ता पूरी तरह धुएं और लपटों से बंद हो गया। ऊपर रहने वाले परिवारों में अफरा-तफरी मच गई। खबर लिखे जाने तक, कम से कम 6 लोगों के इमारत के अंदर फंसे होने की पुष्टि हुई है। खिड़कियों से बाहर निकलते धुएं और अंदर से आती बचाओ-बचाओ की आवाजों ने वहां मौजूद हर शख्स का दिल दहला दिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन और दमकल की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 5 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। संकरी गलियां और भारी भीड़ होने के कारण दमकल कर्मियों को शुरुआत में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दमकल कर्मी हाइड्रोलिक लिफ्ट और सीढ़ियों की मदद से खिड़कियों को तोड़कर फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग (DRF) की टीमें भी मौके पर तैनात हैं। एंबुलेंस को अलर्ट पर रखा गया है और पास के अस्पतालों को घायलों के लिए बेड खाली रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आस-पास की इमारतों को कराया गया खाली
आग की तीव्रता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन आस-पास की दुकानों और रिहायशी इमारतों को खाली करा लिया है। इलाके की बिजली काट दी गई है ताकि कोई और बड़ा हादसा न हो। स्थानीय लोग भी राहत कार्य में प्रशासन की मदद कर रहे हैं।
प्रशासनिक सतर्कता और जांच के आदेश
तेलंगाना सरकार ने इस घटना का संज्ञान लिया है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्राथमिकता के आधार पर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जाए। अधिकारियों का कहना है कि एक बार रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो जाने के बाद फायर सेफ्टी ऑडिट किया जाएगा ताकि यह पता चल सके कि क्या दुकान में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं।
बढ़ती जा रही हैं ऐसी घटनाएं
हैदराबाद जैसे महानगरों में पुराने इलाकों की संकरी गलियों में कमर्शियल और रिहायशी इमारतों का एक साथ होना अक्सर ऐसी आपदाओं को निमंत्रण देता है। नामपल्ली का यह इलाका बेहद व्यस्त रहता है, जिससे रेस्क्यू में देरी हुई। अगर समय रहते फायर सेफ्टी नियमों का पालन किया गया होता, तो शायद आज इन 6 जिंदगियों पर खतरा न मंडराता।
निष्कर्ष: नामपल्ली की यह घटना एक बार फिर हमें चेतावनी दे रही है कि आग जैसी आपदाओं के प्रति लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। अभी पूरा हैदराबाद उन फंसे हुए लोगों की सलामती की दुआ कर रहा है।