पटना: बिहार की राजनीति में पिछले दो दिनों से जारी सस्पेंस अब खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आधिकारिक तौर पर राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट कर जानकारी दी कि वे पिछले दो दशकों से राज्यसभा जाना चाह रहे थे और अब वे नई सरकार का मार्गदर्शन करेंगे।
पटना में भारी बवाल, जेडीयू दफ्तर में तोड़फोड़
नीतीश कुमार के इस फैसले ने उनके समर्थकों को सकते में डाल दिया है। पटना की सड़कों पर जेडीयू कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। मुख्यमंत्री आवास के बाहर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जमा हो गए और "मंजूर नहीं" के नारे लगाए। जेडीयू एमएलसी संजय गांधी को कार्यकर्ताओं के गुस्से के कारण वहां से भागना पड़ा। बीजेपी कोटे से मंत्री सुरेंद्र मेहता की गाड़ी को भी जेडीयू समर्थकों ने रोक दिया। भड़के समर्थकों ने पटना स्थित जेडीयू दफ्तर में जमकर हंगामा किया और तोड़फोड़ की। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बैरिकेडिंग कर दी गई है।
अमित शाह ने दी बधाई, विपक्ष ने कसा तंज
गृह मंत्री अमित शाह ने नीतीश कुमार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनके अनुभव से राज्यसभा की कार्यवाही और अधिक प्रभावी बनेगी। शाह ने इसे एनडीए के 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प की मजबूती बताया। दूसरी ओर, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इसे जनता के साथ धोखा बताया। तेजस्वी ने कहा, "हमने पहले ही कहा था कि बीजेपी ने उन्हें (नीतीश कुमार को) हाईजैक कर लिया है। उनके साथ जो हो रहा है, वह सबको पता था। अगर वे हमारे साथ होते, तो उन्हें यह दिन नहीं देखना पड़ता।"
अन्य उम्मीदवारों का नामांकन
नीतीश कुमार के अलावा बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी राज्यसभा के लिए नामांकन किया। नामांकन के बाद उन्होंने एक भावुक पोस्ट साझा की। वहीं, आरजेडी की ओर से एडी सिंह ने अपना पर्चा भरा, जिसके बाद राज्यसभा की पांचवीं सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
मांझी की आपात बैठक
इस पूरे घटनाक्रम के बाद केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने 'हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा' (HAM) के नेताओं और विधायकों की आपात बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि बिहार की नई सरकार के स्वरूप और आगामी राजनीतिक रणनीति पर इस बैठक में मंथन होगा।