चेन्नई। चेन्नई के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक, चेन्नई बीच-तांबरम (Chennai Beach-Tambaram) सेक्शन पर शुक्रवार का दिन यात्रियों के लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा। रेलवे द्वारा जारी किए गए नए 'रिवाइज्ड शेड्यूल' (Revised Schedule) के पहले ही दिन ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से चलीं, जिससे स्टेशनों पर भारी भीड़ जमा हो गई। घंटों तक ट्रेनों का इंतजार करने और कोचों में पैर रखने की जगह न मिलने के कारण दैनिक यात्रियों (Commuters) ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की।
'द हिंदू' की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे ने ट्रेनों की आवृत्ति (Frequency) और समय सारिणी में कुछ बदलाव किए थे, जिसका उद्देश्य सेवाओं को बेहतर बनाना था। हालांकि, जमीनी हकीकत इसके उलट रही। पीक ऑवर्स (सुबह के व्यस्त समय) के दौरान कई ट्रेनें 20 से 30 मिनट की देरी से पहुँचीं। इसके अलावा, तांबरम स्टेशन पर चल रहे निर्माण कार्यों और सिग्नलिंग में आ रही तकनीकी खामियों ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। यात्रियों का आरोप है कि नए समय की जानकारी उन्हें स्पष्ट रूप से नहीं दी गई, जिससे असमंजस की स्थिति बनी रही।
चेन्नई बीच, एगमोर और तांबरम जैसे प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म यात्रियों से खचाखच भरे नजर आए। ऑफिस जाने वाले लोगों और छात्रों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों के बीच का अंतराल बढ़ गया है, जिससे डिब्बों में भीड़ असहनीय हो गई है। दूसरी ओर, दक्षिण रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि यह एक 'संक्रमण काल' (Transition Period) है। नए शेड्यूल को पूरी तरह सेट होने में एक-दो दिन का समय लग सकता है। रेलवे ने यह भी दावा किया कि आने वाले दिनों में यह नया टाइम-टेबल यात्रियों के सफर को और सुगम बनाएगा।
चेन्नई रेल पैसेंजर्स एसोसिएशन ने मांग की है कि पीक ऑवर्स के दौरान अतिरिक्त शटल ट्रेनें चलाई जाएं और स्टेशन पर सूचना तंत्र (Announcement System) को और मजबूत किया जाए। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर भी अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा कि बिना पर्याप्त तैयारी के नया शेड्यूल लागू करना रेलवे की बड़ी चूक है। अब देखना यह है कि क्या अगले कुछ दिनों में सेवाएं सामान्य हो पाती हैं या यात्रियों का यह संघर्ष जारी रहेगा।