प्रयागराज में अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन पर शिया समुदाय का बड़ा प्रदर्शन। अमेरिका और इजरायल के खिलाफ लगे नारे। शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम। 'उत्तर वर्ल्ड' पर पढ़ें प्रयागराज की ग्राउंड रिपोर्ट।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन की खबर मिलते ही प्रयागराज के संवेदनशील इलाकों में मातम और आक्रोश का माहौल है। रविवार को शिया समुदाय के लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और अमेरिका व इजरायल की आक्रामक नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रयागराज के चौक और दरियाबाद जैसे इलाकों में भारी संख्या में लोग जमा हुए। विरोध मार्च निकालते हुए लोगों ने खामेनेई की तस्वीरें हाथों में थाम रखी थीं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह न केवल एक नेता की मौत है, बल्कि वैश्विक राजनीति में एक बड़े स्तंभ का गिरना है।
प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल को इस घटना के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ नारे लगाए। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखी। ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ पर निगरानी रखी गई और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। विरोध प्रदर्शन के कारण कुछ मुख्य मार्गों पर यातायात की गति धीमी रही, लेकिन प्रशासन ने समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
प्रदर्शन में शामिल एक स्थानीय शिया धर्मगुरु ने कहा, "खामेनेई साहब ने हमेशा अमन और इंसाफ की बात की। उन्हें निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। हम इस दुख की घड़ी में उनके सिद्धांतों के साथ खड़े हैं।"
प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। शहर के संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया गया है और सोशल मीडिया पर भ्रामक अफवाहें फैलाने वालों पर साइबर सेल की कड़ी नज़र है। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है।
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