प्रयागराज : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने पीसीएस 2025 की मुख्य परीक्षा (Mains Exam) से पहले एक बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई की है। आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा में सफल रहे 410 अभ्यर्थियों के मुख्य परीक्षा के आवेदन पत्र निरस्त कर दिए हैं। UttarWorld News आपको बता रहा है कि आखिर किन कारणों से इन छात्रों के फॉर्म रिजेक्ट हुए हैं और अब उनके पास क्या विकल्प बचे हैं।
आयोग ने अपनी वेबसाइट पर रोल नंबर के साथ निरस्तीकरण के कारण भी जारी किए हैं। सबसे ज्यादा 260 अभ्यर्थियों के फॉर्म इसलिए निरस्त हुए क्योंकि उनके पास संबंधित पद के लिए जरूरी अनिवार्य शैक्षिक डिग्री नहीं थी। 95 अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र निर्धारित अंतिम तिथि (5 जनवरी) तक आयोग के कार्यालय नहीं पहुँचे थे। 5 अभ्यर्थियों के हाईस्कूल सर्टिफिकेट और फॉर्म में दी गई जन्मतिथि अलग-अलग पाई गई। 18 अभ्यर्थियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी (DFF) और भूतपूर्व सैनिक श्रेणी का दावा तो किया, लेकिन उससे संबंधित सर्टिफिकेट अपलोड या संलग्न नहीं किए।
घबराने की जरूरत नहीं है, आयोग ने इन 410 अभ्यर्थियों को अपनी बात रखने का एक अंतिम मौका दिया है। संबंधित अभ्यर्थी 17 मार्च 2026 (शाम 5:00 बजे) तक अपना प्रत्यावेदन (Representation) दे सकते हैं। अभ्यर्थी डाक के माध्यम से या स्वयं आयोग के कार्यालय (प्रयागराज) में उपस्थित होकर साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रख सकते हैं। 17 मार्च के बाद किसी भी प्रार्थना पत्र पर विचार नहीं किया जाएगा।
बता दें कि पीसीएस 2025 की मुख्य परीक्षा 29 मार्च से 1 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित होनी है। आयोग ने हाल ही में 11,727 सफल अभ्यर्थियों की सूची जारी की थी, जिनमें से अब ये 410 अभ्यर्थी फिलहाल बाहर हो गए हैं।