मंगलवार, 17 मार्च 2026
रायबरेली

रायबरेली-अमेठी को बड़ी सौगात: 66 गांवों से गुजरेगी नई रेल लाइन; 13 साल बाद फिर शुरू होगा काम, तैयार हो रहा नया रूट चार्ट

By Uttar World Desk

27 जन, 2026 | 10:16 बजे
रायबरेली-अमेठी को बड़ी सौगात: 66 गांवों से गुजरेगी नई रेल लाइन; 13 साल बाद फिर शुरू होगा काम, तैयार हो रहा नया रूट चार्ट

रायबरेली/अमेठी: उत्तर प्रदेश के विकास मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण रेल परियोजना अब धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। ऊंचाहार से सलोन होते हुए अमेठी तक प्रस्तावित नई रेल लाइन परियोजना, जो पिछले कई वर्षों से ठंडे बस्ते में थी, अब दोबारा गति पकड़ने वाली है। रेलवे प्रशासन ने इस मार्ग के लिए नया रूट चार्ट तैयार करने का निर्णय लिया है, जिसकी प्रक्रिया फरवरी-मार्च 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। अमेठी को ऊंचाहार और अयोध्या से जोड़ने की मांग 1980 के दशक से ही उठ रही थी। तत्कालीन यूपीए सरकार के दौरान 26 नवंबर 2013 को सलोन में इस परियोजना का शिलान्यास किया गया था।  उस समय इस पूरी परियोजना के लिए लगभग 1331 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था, जिसमें ऊंचाहार-सलोन-अमेठी खंड के लिए 380 करोड़ रुपये निर्धारित थे। यह रेल लाइन रायबरेली, अमेठी और प्रतापगढ़ के 66 गांवों से गुजरनी थी। 2018-19 में सर्वे भी हुआ, लेकिन सलोन के औद्योगिक क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण को लेकर उद्यमियों के विरोध के बाद यह काम रुक गया था।

नया रूट चार्ट और आगामी कार्ययोजना

मंडल रेल प्रबंधक (DRM) सुनील कुमार वर्मा के अनुसार, अब इस परियोजना को नए सिरे से गति दी जा रही है। फरवरी से मार्च के बीच इस रूट का दोबारा सर्वे कराया जाएगा ताकि औद्योगिक क्षेत्रों और घनी आबादी को बचाते हुए नया मार्ग तय किया जा सके। यह रेल लाइन मुख्य रूप से रायबरेली, अमेठी और प्रतापगढ़ जिलों के गांवों को जोड़ेगी। इस लाइन के बनने से न केवल दो जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर बिजनेस और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

परियोजना की लागत और अन्य खंड

कुल 1331 करोड़ रुपये के बजट में अन्य रेल खंड भी शामिल हैं: रायबरेली-तिलोई-अकबरगंज-इन्हौंना: 296 करोड़ रुपये।अकबरगंज-बाजार शुकुल-अयोध्या: 655 करोड़ रुपये। ऊंचाहार-सलोन-अमेठी: 380 करोड़ रुपये।

निष्कर्ष

लगभग 13 साल के लंबे इंतजार के बाद इस परियोजना का पुनर्जीवित होना क्षेत्र की जनता के लिए बड़ी खुशखबरी है। नए रूट चार्ट के तैयार होने के बाद भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्य में तेजी आने की संभावना है, जिससे अयोध्या और प्रयागराज की ओर जाने वाले रेल यातायात को एक वैकल्पिक और सुगम मार्ग मिल सकेगा।

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