रायबरेली में शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर पुलिस का डंडा चला है। चर्चित यूट्यूबर अभिषेक ठाकुर और उनके साथियों के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि एक जुलूस के दौरान न केवल खुलेआम तलवारें लहराई गईं, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे भाषण और वीडियो डाले गए जिनसे समाज में नफरत फैलने और माहौल खराब होने का अंदेशा था।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई सोशल मीडिया की निगरानी के बाद की गई है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कानून की परवाह किए बिना हथियारों का प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट या जमीन पर किसी भी तरह की भड़काऊ गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में पुलिस ने 'डिजिटल फुटप्रिंट्स' के आधार पर अन्य लोगों की पहचान भी शुरू कर दी है जो इस विवादित जुलूस और पोस्ट में शामिल थे।
स्कूल असेंबली के लिए सीख: बच्चों, यह खबर हमें सिखाती है कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करना चाहिए। किसी भी ऐसी गतिविधि या पोस्ट का हिस्सा न बनें जो समाज में नफरत फैलाती हो या कानून के खिलाफ हो।