मेंहदावल | उत्तर वर्ल्ड न्यूज डेस्क: जिलाधिकारी आलोक कुमार ने मेंहदावल विकासखंड कार्यालय और पशु अस्पताल का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सरकारी कामकाज में भारी लापरवाही पकड़ी, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं।
विकासखंड कार्यालय में अव्यवस्था: निरीक्षण के दौरान DM ने पाया कि कार्यालय की पत्रावलियां व्यवस्थित नहीं थीं। खंड विकास अधिकारी (BDO) कक्ष की अलमारियों में पुराने कागजात अस्त-व्यस्त मिले। सबसे बड़ी लापरवाही 'डेड स्टॉक रजिस्टर' में दिखी, जिसका पिछले दो वर्षों से भौतिक सत्यापन ही नहीं हुआ था। जिलाधिकारी ने दो साल से लंबित ऑडिट आपत्तियों को तुरंत निस्तारण करने का आदेश दिया।
पशु अस्पताल का बुरा हाल: इसके बाद जिलाधिकारी मेंहदावल पशु अस्पताल पहुंचे। यहाँ की स्थिति और भी खराब मिली:
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घटिया निर्माण: निर्माणाधीन नए भवन में इस्तेमाल हो रही ईंटों की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। DM ने इसके लिए एक जांच समिति गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
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दवाइयां नदारद: अस्पताल में पशुओं के उपचार के लिए जरूरी दवाइयां उपलब्ध नहीं थीं। पता चला कि फार्मासिस्ट के पास अन्य प्रभार होने के कारण चाबी उन्हीं के पास रहती है, जिससे आपात स्थिति में परेशानी होती है।
कड़े निर्देश: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं (मनरेगा, NRLM) और जनसुनवाई (IGRS) में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने परिसर में साफ-सफाई और अभिलेखों के सही रखरखाव के लिए सख्त हिदायत दी है।