मंगलवार, 17 मार्च 2026
श्रावस्ती

श्रावस्ती : कहीं फसलों की बंपर पैदावार की उम्मीद, तो कहीं बदहाल सड़कों और जल-भराव ने बढ़ाई मुसीबत

By Uttar World Desk

02 फ़र, 2026 | 12:56 बजे
श्रावस्ती : कहीं फसलों की बंपर पैदावार की उम्मीद, तो कहीं बदहाल सड़कों और जल-भराव ने बढ़ाई मुसीबत

श्रावस्ती। जनपद श्रावस्ती के लिए खेती-किसानी के लिहाज से जहां अच्छी खबर सामने आ रही है, वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में खराब सड़कें और जल-निकासी की समस्या आम जनता के लिए जी का जंजाल बनी हुई है। इकौना से लेकर पटपरगंज तक, लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए प्रशासन की ओर देख रहे हैं।

1. किसानों के खिले चेहरे: गेहूं, सरसों और मक्का की फसल लहलहाई

इकौना क्षेत्र के किसानों के लिए इस बार मौसम मेहरबान नजर आ रहा है। खेतों में गेहूं, सरसों और मक्का की शानदार फसल देखकर अन्नदाता खुश हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा, तो इस साल पैदावार पिछले रिकॉर्ड तोड़ सकती है। समय पर हुई बारिश और ठंड ने इन फसलों के लिए 'अमृत' का काम किया है।


2. कटारी नदी का कहर: सिसवारा-गौहनिया मार्ग पर बढ़ा खतरा

मोहरनिया क्षेत्र के सिसवारा-गौहनिया मार्ग पर नदी का कटान (Erosion) तेजी से हो रहा है। नदी की लहरें धीरे-धीरे सड़क को निगल रही हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि अगर समय रहते बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ, तो कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट जाएगा।


दिकाउली मार्ग पर जानलेवा गड्ढा: हजारों लोग परेशान

गिलौला ब्लॉक और सोनवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दिकाउली ग्राम सभा में मुख्य सड़क पर एक बहुत बड़ा गड्ढा हो गया है। यह मार्ग बुढ़वा बाबा सैय्यद सलार मसूद गाजी की दरगाह को जमुनहा तहसील से जोड़ता है। इस रास्ते पर सुबह से शाम तक हजारों लोगों का आना-जाना रहता है। बारिश होने पर यह गड्ढा तालाब बन जाता है, जिससे राहगीरों और बाइक सवारों के गिरने का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासी अश्विनी कुमार, छोटू, गोलू और मुकेश का कहना है कि प्रशासन इस महत्वपूर्ण सड़क की मरम्मत पर ध्यान नहीं दे रहा है।


4. मुरावन पुरवा में नारकीय जीवन: कीचड़ से होकर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे

हरदत्त नगर ग्रांट के मुरावन पुरवा गांव में नाली और खड़ंजा न होने से हालात बदतर हो गए हैं। सड़कों पर जलभराव के कारण गांव की गलियां कीचड़ से पटी पड़ी हैं।

  • बच्चे परेशान: स्कूली बच्चे इसी कीचड़ से होकर गुजरते हैं, जिससे अक्सर उनके बैग भीग जाते हैं और वे फिसलकर गिर जाते हैं।

  • बीमारियों का खौफ: जमे हुए पानी के कारण डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण गुड्डू यादव, भगवानदीन और जोगी यादव ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द नाली निर्माण नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे। हालांकि, ग्राम प्रधान विजय सिंह ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।

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